जब आशा ताई ने बताई थी अपने और लता दीदी के सफेद साड़ी पहनने की वजह, पढ़ें अनसुना किस्सा
मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। इस खबर से सभी संगीत प्रेमी शोक में डूबे हैं और उन्हें खूब याद कर रहे हैं। ...और पढ़ें

क्यों सफेद साड़ी पहनती थीं आशा ताई और लता दीदी? (Picture Courtesy: Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। इनके निधन की खबर सुनकर पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
आशा ताई ने न केवल अपनी आवाज से, बल्कि अपनी जिंदादिली और बेबाकी से भी करोड़ों दिलों पर राज किया। उनके जाने के बाद, उनसे जुड़े कई किस्से और यादें ताजा हो रही हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प खुलासा उन्होंने आरजे अनमोल और अमृता राव के पॉडकास्ट 'कपल ऑफ थिंग्स' में किया था, जो उनकी और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर की सादगी और उनके अनोखे रिश्ते की झलक पेश करता है।
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(Picture Courtesy: Instagram)
क्यों हमेशा सफेद साड़ी पहनती थीं दोनों बहनें?
भारतीय संगीत की इन दो धुरियों, लता मंगेशकर और आशा भोसले, को अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में सफेद या हल्के रंग की साड़ियों में देखा जाता था। लता दीदी ने तो सफेद रंग को अपनी एक पहचान ही बना लिया था। पॉडकास्ट के दौरान, आशा ताई ने वह वजह बताई, जिसे सुनकर आज भी प्रशंसकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
आशा ताई ने बताया था कि उनके सफेद कपड़े पहनने के पीछे कोई बहुत गहरा आध्यात्मिक कारण नहीं, बल्कि उनके मन की एक छोटी-सी झिझक थी। उन्होंने कहा-
"हमें लगता था कि सफेद साड़ियां हमारे रंग पर ज्यादा अच्छी लगती हैं। हमें डर था कि अगर हम कोई और गहरा रंग पहनेंगे, तो हम और ज्यादा सांवले दिखेंगे।”
यह बात दिखाती है कि आसमान की ऊंचाइयों को छूने वाली ये महान गायिकाएं भी अपने भीतर एक आम इंसान की मासूमियत और झिझक रखती थीं।

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जब आशा ताई ने बदला अपना अंदाज
इसी बातचीत में आशा ताई ने यह भी बताया था कि कैसे समय के साथ उन्होंने अपनी पसंद को बदलना शुरू किया। जहां लता दीदी हमेशा सफेद रंग को पसंद करती रहीं, वहीं आशा ताई ने रंगों के साथ प्रयोग करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने गुलाबी साड़ियां पहननी शुरू कीं और जब वे गुलाबी साड़ी पहनती थी, तो लता दीदी उन्हें तिरछी नजरों से देखती थीं, जैसे वह पूछ रही हों कि यह बदलाव क्यों? लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने गुलाबी के साथ-साथ दूसरे रंग भी पहनने शुरू कर दिए।
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(Picture Courtesy: Instagram)
भले ही दुनिया ने उनके बीच पेशेवर प्रतिस्पर्धा की बातें की हों, लेकिन असल में वे एक-दूसरे की ढाल थीं। आशा ताई ने शास्त्रीय संगीत से लेकर पेप्पी नंबर्स और गजल तक हर विधा में अपनी महारत साबित की। आज आशा ताई के जाने से संगीत के उस अध्याय पर विराम लग गया है जिसने दशकों तक फिल्म जगत को अपनी सुरीली आवाज से सजाया।