वेडिंग ड्रेस खरीदने से पहले दुल्हनों को साइन करने पड़ रहे लीगल पेपर, वजह जान हैरान हो जाएंगे आप
शादी के पहले अब अमेरिका में दुल्हनों से लीगल वेवर साइन करवा रहे हैं। इसके पीछे वेट लॉस ड्रग्स से जुड़ा कारण है। ...और पढ़ें

क्यों दुल्हनों को लीगल वेवर पर करना पड़ रहा है साइन? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शादी का दिन हर किसी के लिए खास होता है, और उससे भी खास होती है उस दिन पहनी जाने वाली ड्रेस। लेकिन इन दिनों वेडिंग इंडस्ट्री एक अनोखी चुनौती से जूझ रही है। अमेरिका में अब शादियों के बाजार में एक नया चलन देखने को मिल रहा है, जहां दुल्हनों को अपनी मनपसंद ड्रेस खरीदने के साथ-साथ एक कानूनी दस्तावेज पर भी हस्ताक्षर करने पड़ रहे हैं।
यह दस्तावेज इस बात की पुष्टि करता है कि भविष्य में फिटिंग को लेकर होने वाली किसी भी समस्या के लिए स्टोर जिम्मेदार नहीं होगा। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्यों? आइए बताते हैं आपको इसके पीछे की वजह।
बदलती जीवनशैली और फिटिंग की चुनौती
वेडिंग इंडस्ट्री में इस बड़े बदलाव की वजह वजन घटाने वाली दवाएं हैं। ये दवाएं इतनी तेजी से असर दिखाती हैं कि महिलाओं का वजन हफ्तों के भीतर कम हो जाता है। पहले दुल्हनें अपनी शादी से 5-6 महीने पहले ड्रेस चुन लेती थीं और फिटिंग का काम इत्मिनान से होता था। लेकिन अब वजन तेजी से घटने के कारण हर दो से तीन हफ्ते में कपड़े ढीले होने लगते हैं, जिससे टेलर और डिजाइनरों के लिए ड्रेस को सही फिटिंग देना एक बड़ी मुसीबत बन गया है।

(Picture Courtesy: Freepik)
शादी के लिए वजन घटाने की होड़
हालिया सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि इस साल शादी के बंधन में बंधने वाले हर 10 में से एक कपल वजन घटाने वाली दवाओं का सहारा ले रहा है। खास बात यह है कि इनमें से आधे से ज्यादा लोगों ने इन दवाओं का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए शुरू किया ताकि वे अपनी शादी के दिन फिट दिख सकें।
खबरें और भी
इस बढ़ते ट्रेंड की वजह से अब लोग शादी के काफी करीब आने पर ड्रेस खरीदना पसंद कर रहे हैं। पिछले दो सालों में कम समय में तैयार होने वाली ड्रेस की मांग में 50% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
-1777358612047.jpg)
(Picture Courtesy: Freepik)
डिजाइन में बदलाव
दुल्हनों के तेजी से बदलते शारीरिक आकार को देखते हुए अब ब्राइडल स्टूडियो के मालिक भी अपनी रणनीति बदल रहे हैं। अब ऐसी ड्रेस की सलाह दी जा रही है जिनमें पीछे की तरफ चैन के बजाय लेस-अप या डोरी वाले ऑप्शन हों, ताकि फिटिंग को आसानी से कम या ज्यादा किया जा सके। डिजाइनर अब ऐसे कट और स्टाइल पर ध्यान दे रहे हैं जो कमर के पास फैले हुए हों, ताकि शरीर के बदलते आकार को आसानी से संभाला जा सके।
जेब पर भारी पड़ रहा है यह बदलाव
एक डिजाइनर गाउन की कीमत लाखों में होती है और इतना पैसा खर्च करने वाली दुल्हनें हर सिलाई में परफेक्शन की उम्मीद रखती हैं। जहां पुरुषों के सूट को एडजस्ट करना या किराए पर दूसरा साइज लेना आसान होता है, वहीं ब्राइडल गाउन के मामले में हर एक इंच की बारीकी मायने रखती है। इसी कारण से कंपनियां अब हजारों टेलरिंग एक्सपर्ट्स से ओवरटाइम करा रही हैं ताकि समय रहते परफेक्ट फिटिंग दी जा सके।