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    सब्जियों के छिलके और बची चायपत्ती फेंकने की न करें भूल, किचन वेस्ट से तैयार होगा 'काला सोना'

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 10:01 AM (GMT+05:30)

    क्या आपने कभी सोचा है कि पर्यावरण को बचाने के एक बड़े काम की शुरुआत आपके अपने किचन से भी हो सकती है? ...और पढ़ें

    किचन वेस्ट से फ्री में बनाएं बेहतरीन 'काला सोना' (Image Source: AI-Generated)

     किचन वेस्ट से फ्री में बनाएं बेहतरीन 'काला सोना' (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी के घरों में रोजाना सब्जियों के छिलके, फलों के टुकड़े और बची हुई चायपत्ती कूड़े में फेंक दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप कचरा समझ रहे हैं, वह असल में आपके पौधों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है?

    गार्डनिंग के शौकीन लोगों के बीच आजकल किचन वेस्ट से 'काला सोना' यानी जैविक खाद बनाने का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आइए, हर साल 5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day 2026) के मौके पर जानते हैं कि आप घर बैठे अपने रोजमर्रा के कचरे को कैसे इस बेशकीमती 'काले सोने' में बदल सकते हैं।

    Kitchen waste

    (Image Source: Magnific) 

    'काला सोना' आखिर है क्या?

    काले सोने से हमारा मतलब उस उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक खाद से है, जो हमारे किचन के गीले कचरे के प्राकृतिक रूप से सड़ने से बनती है। यह खाद नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है और पौधों की ग्रोथ के लिए किसी जादू की तरह काम करती है। इसे इस्तेमाल करने के बाद आपको बाज़ार से महंगे केमिकल वाले फर्टिलाइजर खरीदने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

    घर पर 'काला सोना' बनाने का सबसे आसान तरीका

    घर पर खाद बनाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके इसे बेहद आसानी से तैयार कर सकते हैं:

    • कोई भी पुराना मिट्टी का मटका या प्लास्टिक की बाल्टी लें। हवा आने-जाने के लिए इसके चारों तरफ और नीचे कुछ छोटे छेद जरूर कर लें।
    • सबसे नीचे सूखी पत्तियां, अखबार के टुकड़े या थोड़ी-सी सूखी मिट्टी की एक परत बिछाएं।
    • अब इसमें सब्जियों और फलों के छिलके, बची हुई चायपत्ती और अंडे के छिलके डालें।
    • किचन वेस्ट डालने के बाद उसके ऊपर फिर से थोड़ी सूखी मिट्टी या पत्तियां डाल दें। इस 'सैंडविच तरीके' से खाद में बदबू नहीं आती और कीड़े भी नहीं पनपते।
    • मटके को बालकनी या छत पर किसी छांव वाली जगह पर रख दें। इसमें हल्का पानी छिड़कते रहें ताकि नमी बनी रहे। हर 4-5 दिन में किसी डंडे या खुरपी से इसे ऊपर-नीचे करते रहें ताकि इसे ऑक्सीजन मिलती रहे।
    • लगभग 2 से 3 महीने में यह कचरा पूरी तरह से सड़कर गहरे काले रंग की भुरभुरी मिट्टी में बदल जाएगा। बस फिर लीजिए, आपके पौधों के लिए घर का बना 'काला सोना' बिल्कुल तैयार है।

    kitchen waste compost

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    (Image Source: Magnific)

    सिर्फ खाद ही नहीं, छिलकों से बनाएं 'बायो-एंजाइम'

    अगर आपके घर में नींबू, संतरे या मौसमी जैसे खट्टे फलों के छिलके बच गए हैं, तो उनसे आप एक बेहतरीन बायो-एंजाइम बना सकते हैं। यह एक पूरी तरह से प्राकृतिक और केमिकल-फ्री क्लीनर है।

    इसे बनाने की आसान विधि:

    • एक एयर-टाइट प्लास्टिक की बोतल लें।
    • इसमें 3 हिस्सा खट्टे फलों के छिलके, 1 हिस्सा गुड़ और 10 हिस्सा पानी मिला लें।
    • बोतल का ढक्कन कसकर बंद कर दें और इसे घर के किसी सुरक्षित कोने में रख दें।
    • शुरुआती एक महीने तक रोजाना एक बार बोतल का ढक्कन हल्का-सा खोलकर अंदर बनने वाली गैस को बाहर निकालें और वापस बंद कर दें।
    • ठीक 3 महीने बाद इस लिक्विड को छान लें।
    • आपका होममेड और नेचुरल बायो-एंजाइम तैयार है। इसे आप पानी में मिलाकर घर का फर्श पोंछने के लिए, बाथरूम साफ करने के लिए, या पौधों पर ऑर्गेनिक कीटनाशक के रूप में स्प्रे करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

    इसलिए, कचरे के डिब्बे में सब्जियों के छिलके डालने से पहले एक बार जरूर सोचें। आपकी थोड़ी-सी समझदारी और एक छोटी सी कोशिश न सिर्फ हमारे पर्यावरण को साफ रखने में मदद कर सकती है, बल्कि आपके गार्डन को भी हमेशा हरा-भरा रख सकती है।

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