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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या आप भी पुरुषों को समझते हैं दिलफेंक आशिक? ताजा स्टडी बदल देगी आपका भी नजरिया

    Updated: Wed, 16 Apr 2025 05:40 PM (GMT+05:30)

    प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे शायद ही आज तक कोई माप पाया हो! क्या आपने कभी सोचा है कि जब दो लोग प्यार में पड़ते हैं तो सबसे पहले दिल किसका धड़कता है- लड़ ...और पढ़ें

    दिल के मामले में पुरुष क्यों दिखाते हैं तेजी जबकि महिलाएं लेती हैं सोचने में ज्यादा टाइम (Image: Freepik)
    दिल के मामले में पुरुष क्यों दिखाते हैं तेजी जबकि महिलाएं लेती हैं सोचने में ज्यादा टाइम (Image: Freepik)

    HighLights

    1. आमतौर पर माना यह जाता है कि लड़के प्यार के मामले में थोड़े तंग होते हैं।
    2. हाल ही में सामने आई स्टडी बताती है कि पुरुष तेजी से प्यार में पड़ जाते हैं।
    3. इस स्टडी में उन लोगों को शामिल किया गया रिलेशनशिप की शुरुआत में थे।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपने फिल्मों में कई बार देखा होगा- एक नजर में लड़का दीवाना हो गया, फिर लड़की धीरे-धीरे उसके करीब आई! हालांकि, क्या असल जिंदगी में भी ऐसा ही होता है? क्या वाकई लड़के पहले दिल हार बैठते हैं या ये सिर्फ बॉलीवुड की कहानी है?

    अब इस सवाल का जवाब मिल गया है- एक स्टडी से! जी हां, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (ANU) की इस रिसर्च में खुलासा हुआ है कि प्यार में सबसे पहले लड़के ही पड़ते हैं (Men In Love), और वो भी औसतन एक महीने पहले। हैरान रह गए ना?

    इस स्टडी में न सिर्फ ये पता चला कि लड़के और लड़कियां प्यार को अलग-अलग तरीकों से महसूस करते हैं, बल्कि यह भी सामने आया कि महिलाओं का प्यार ज्यादा गहरा और सोच से भरा होता है। आइए जानें।

    कौन, कब और कैसे प्यार में पड़ता है?

    इस रिसर्च को ANU के पीएचडी छात्र एडम बोडे ने लीड किया है। उन्होंने बताया कि अब तक ज्यादातर स्टडीज ने पुरुषों और महिलाओं के बीच रोमांटिक भावनाओं के फर्क को सिर्फ थ्योरी के आधार पर जांचा था, मगर यह पहली ऐसी बार है जब 18 से 25 साल के यंग लवर्स को शामिल किया गया, जो अपने रिश्ते की शुरुआती दो साल की अवस्था में थे।

    इस स्टडी में कुल 33 देशों के 808 यंग कपल शामिल थे- यानी एक बड़ा और सांस्कृतिक रूप से विविध सैंपल।

    इनसे पूछे गए सवाल थे:

    • आपने अब तक कितनी बार प्यार किया है?
    • आप कब प्यार में पड़े?
    • आपका प्यार कितना गहरा है?
    • आप अपने पार्टनर के बारे में कितना सोचते हैं?
    • आप अपने रिश्ते को लेकर कितने कमिटेड हैं?

    नतीजे: लड़के जल्दी प्यार में पड़ते हैं, लड़कियां ज्यादा सोचती हैं

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    इस रिसर्च में सामने आया कि:

    • पुरुष औसतन एक महीने पहले प्यार में पड़ जाते हैं बनिस्बत महिलाओं के।
    • महिलाएं प्यार को थोड़ी ज्यादा गहराई से महसूस करती हैं, यानी उनका अटैचमेंट और फीलिंग ज्यादा स्ट्रॉन्ग होती है।
    • महिलाएं अपने पार्टनर के बारे में ज्यादा सोचती हैं, यानी उनके दिमाग में प्रेमी का ख्याल ज्यादा आता है।
    • यानी, प्यार में पड़ने की पहल पुरुष करते हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से गहराई महिलाओं में अधिक देखी जाती है।

    समाज में जेंडर इक्वालिटी भी पड़ता है असर

    शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि सिर्फ Biological Sex ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक कारक भी रोमांटिक प्यार को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, जिन देशों में महिलाओं और पुरुषों के बीच ज्यादा समानता है, वहां के लोग प्यार में कम दीवानगी दिखाते हैं।

    यानी, जेंडर इक्वालिटी वाले समाजों में रोमांटिक प्यार की तेजी, सोच और कमिटमेंट का लेवल थोड़ा कम हो सकता है।

    प्यार में क्यों पहले पड़ते हैं पुरुष?

    शोधकर्ता एडम बोडे बताते हैं कि इसका एक मुमकिन वजह यह हो सकती है कि प्राकृतिक रूप से पुरुषों पर यह अपेक्षा होती है कि वे अपने प्यार का इज़हार पहले करें, और रिश्ता आगे बढ़ाने की पहल करें। यही वजह है कि उन्हें भावनात्मक रूप से जुड़ने की जल्दी होती है।

    इसके अलावा, 39% प्रतिभागियों (महिला और पुरुष दोनों) ने बताया कि वे प्यार में तब पड़े जब उनका रिश्ता पहले से बन चुका था। यानी कुछ लोग पहले रिश्ते में आते हैं, फिर धीरे-धीरे प्यार पनपता है।

    प्यार पर क्यों जरूरी है शोध?

    एडम बोडे का मानना है कि प्यार जैसे विषय पर अभी भी बहुत कम रिसर्च हुई है, जबकि इसका हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जीवन पर बड़ा प्रभाव पड़ता है।

    यह अध्ययन भविष्य में प्रेम के विकास (evolution of love) और मानव व्यवहार को समझने के लिए एक मजबूत आधार बन सकता है। इससे यह भी समझा जा सकता है कि कैसे अलग-अलग समाजों और संस्कृतियों में प्यार का अनुभव अलग-अलग होता है।

    प्यार में पड़ना विज्ञान भी है, सिर्फ एहसास नहीं!

    इस रिसर्च ने यह साबित कर दिया कि प्यार सिर्फ एक भाव नहीं है, बल्कि यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसे जैविक, सामाजिक और मानसिक कारक मिलकर आकार देते हैं।

    जहां पुरुष जल्दी जुड़ते हैं, वहीं महिलाएं रिश्ते को अधिक सोच-समझ और भावनात्मक गहराई के साथ निभाती हैं और इस सब में समाज की भूमिका भी अहम है- अगर समाज बराबरी का हो, तो शायद दिल भी थोड़ा संभलकर धड़कते हैं।

    तो अगली बार जब कोई कहे कि "लड़कियां ही पहले प्यार में पड़ती हैं", तो आप उन्हें विज्ञान का यह ताजा सच बता सकते हैं- प्यार में लड़के पहले पड़ते हैं, लेकिन लड़कियां दिल से निभाती हैं।

    Source:

    • BioMed Central: https://bsd.biomedcentral.com/articles/10.1186/s13293-025-00698-4

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