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    मोबाइल के बिना खाना नहीं खाता बच्चा? ये 10 आसान तरीके बस एक हफ्ते में छुड़ा देंगे स्क्रीन की लत

    By Meenakshi NaiduEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Sat, 18 Apr 2026 07:00 PM (IST)

    आज के डिजिटल युग में बच्चे मोबाइल, टैबलेट और टीवी के सामने ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे उनकी सेहत, नींद और मेंटल और फिजिकल डेवलेपमेंट प्रभावित हो सकता ...और पढ़ें

    बच्चों का स्क्रीन टाइम कैसे करें नियंत्रित (Picture Credit- Freepik)

    बच्चों का स्क्रीन टाइम कैसे करें नियंत्रित (Picture Credit- Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल के डिजिटल युग में बच्चे स्क्रीन टाइम जैसे कि टीवी, मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर के सामने बहुत समय बिताते हैं। शुरुआती उम्र से ही स्क्रीन के संपर्क में आने से उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर असर पड़ सकता है।

    बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों में नींद की कमी, आंखों की थकान, ध्यान की कमी और सोशल डेवलपमेंट में कमी जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है। पेरेंट्स के लिए यह चुनौती बन सकती है कि वे अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया के फायदे और नुकसान दोनों से परिचित कराएं और उनका इस्तेमाल संतुलित बनाए रखें।

    इसलिए जरूरी है कि पेरेंट्स समय रहते स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाएं।यहां बच्चों को स्क्रीन टाइम की समस्या से बचाने के लिए कुछ कारगर उपाय बताए गए हैं,आइए जानते हैं इनके बारे में

    स्क्रीन टाइम लिमिट तय करें

    हर उम्र के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की सीमाएं तय करें। उदाहरण के लिए 2–5 साल के बच्चों के लिए दिन में केवल 1 घंटे।

    एक्टिव रूटीन बनाएं

    बच्चों को खेलकूद, बाहर की एक्टिविटीज और क्रिएटिव हॉबीज में व्यस्त रखें जिससे उनका ध्यान स्क्रीन से हट सके।

    परिवार के साथ स्क्रीन टाइम

    कभी-कभी बच्चों के साथ मिलकर स्क्रीन पर कंटेंट देखें। यह उन्हें सही और गलत की समझ विकसित करने में मदद करता है।

    स्क्रीन टाइम के नियम बनाएं

    स्क्रीन इस्तेमाल करने के समय और जगह पर नियम बनाएं, जैसे खाना खाते समय या सोने से पहले स्क्रीन नहीं।

    गाइडेड कंटेंट चुनें

    बच्चों के लिए एजुकेशनल और उम्र के अनुसार उपयुक्त एप्स, वीडियो या गेम्स का चयन करें।

    स्क्रीन फ्री जोन बनाएं

    घर के कुछ हिस्सों जैसे डाइनिंग टेबल या बेडरूम को स्क्रीन फ्री जोन बनाएं।

    मॉडलिंग का उदाहरण दें

    पेरेंट्स खुद स्क्रीन टाइम का सही इस्तेमाल करके बच्चों को एग्जांपल पेश करें।

    सोशल इंटरैक्शन को बढ़ावा दें

    बच्चों को दोस्तों और परिवार के साथ खेल और बातचीत के अवसर दें।

    टेक्नोलॉजी अलार्म और रिमाइंडर

    मोबाइल या टैबलेट पर टाइमर सेट करें, जिससे बच्चे अपने स्क्रीन टाइम को खुद भी मॉनिटर कर सकें

    खुली बातचीत रखें

    बच्चों से स्क्रीन के इस्तेमाल, ऑनलाइन खतरों और संतुलन के बारे में बातचीत करें।

    इन टिप्स को अपनाकर पेरेंट्स न केवल बच्चों को डिजिटल डिपेंडेंसी से बचा सकते हैं, बल्कि उन्हें बैलेंस्ड लाइफ स्टाइल और स्वस्थ मानसिक विकास की ओर भी मार्गदर्शन कर सकते हैं। याद रखें, स्क्रीन टाइम को पूरी तरह रोकना जरूरी नहीं है, बल्कि सही दिशा में और नियंत्रित रूप में इस्तेमाल करना ही बच्चों की सेहत और मानसिक विकास के लिए सबसे फायदेमंद है।

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