क्या बार-बार ब्रेकअप और फिर पैचअप कर लेना 'हेल्दी रिलेशन' की निशानी है? साइकियाट्रिस्ट ने बताई सच्चाई
कई बार कपल आपस में झगड़ते हैं, रिश्ता तोड़ते हैं और कुछ ही समय बाद फिर से एक हो जाते हैं, लेकिन क्या बार-बार अलग होना और फिर साथ आ जाना एक हेल्दी रिश् ...और पढ़ें

साइकियाट्रिस्ट ने गिनाए रिलेशनशिप में बार-बार अलग होने और जुड़ने के नुकसान (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके रिश्ते में भी 'ऑन-ऑफ' का खेल चलता रहता है? एक दिन झगड़ा करके रिश्ता तोड़ देना और फिर कुछ ही दिनों बाद वापस उसी इंसान के पास लौट जाना। जी हां, कई कपल्स के लिए ब्रेकअप और पैचअप का यह चक्र एक आम बात बन चुका है, लेकिन क्या बार-बार अलग होना और फिर साथ आ जाना सच में एक हेल्दी रिलेशनशिप की निशानी है?
इस उलझन को सुलझाने और रिश्ते के इस लूप के असली जोखिमों और नुकसानों को समझाने के लिए, देहरादून के कैलाश अस्पताल के कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट डॉ. गौरव अग्रवाल ने कुछ बेहद जरूरी बातें शेयर की हैं। आइए जानते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
अनसुलझे मुद्दे और पुरानी आदत
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, जब कोई कपल बार-बार ब्रेकअप और पैचअप करता है, तो यह इस बात का साफ संकेत है कि उनके बीच तनाव पैदा करने वाले मुख्य मुद्दे अभी तक पूरी तरह से सुलझे नहीं हैं। एक ब्रेकअप के बाद वापस साथ आना अक्सर बहुत सुकून भरा लगता है, क्योंकि इसमें एक जाना-पहचाना एहसास होता है। जिस इंसान की हमें परवाह है, उससे दोबारा जुड़ने पर राहत मिलती है। हालांकि, इस राहत का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपका रिश्ता वास्तव में बदल गया है या सुधर गया है।
भावनात्मक थकावट और जल्दबाजी
हर ब्रेकअप अपने साथ उदासी, अनिश्चितता, निराशा और तनाव लेकर आता है, जिससे अक्सर 'भावनात्मक थकावट' होती है। अलग होने के बाद अपने पार्टनर की याद आना और पुरानी अच्छी चीजों के वापस लौटने की चाहत रखना बहुत स्वाभाविक है। इसी कारण कई कपल्स बिना यह समझे कि ब्रेकअप क्यों हुआ था, जल्दबाजी में फिर से रिश्ता जोड़ लेते हैं। जब ऐसा होता है, तो अक्सर वही पुरानी असहमतियां और झगड़े रिश्ते में दोबारा लौट आते हैं।
अतीत का जुड़ाव और मूव ऑन करने में मुश्किल
भावनात्मक जुड़ाव के कारण भी आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। जब आपने अपनी जिंदगी का एक बड़ा और अहम हिस्सा किसी के साथ बिताया हो, तो उसे जाने देना आसान नहीं होता। कई लोग अपने पूर्व पार्टनर के पास सिर्फ इसलिए लौट जाते हैं क्योंकि वे आज भी उनकी गहराई से परवाह करते हैं। ये भावनाएं भले ही सच्ची और महत्वपूर्ण हों, लेकिन ये अपने आप उन समस्याओं को हल नहीं कर सकतीं जिनकी वजह से रिश्ते में दरार आई थी।
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भरोसे पर पड़ता है गहरा असर
बार-बार होने वाले ब्रेकअप से रिश्ते के विश्वास पर भी बुरा असर पड़ता है। अगर कोई रिश्ता बार-बार टूटता और जुड़ता है, तो दोनों ही पार्टनर्स को रिश्ते में अपनी जगह को लेकर अनिश्चितता महसूस होने लगती है। समय के साथ, वे पूरी तरह से खुलकर बात करने या भावनात्मक रूप से निवेश करने से कतराने लगते हैं, क्योंकि उन्हें दोबारा चोट पहुंचने या दिल टूटने का डर सताता है।
क्या वापस साथ आना हमेशा गलत होता है?
डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि इसका मतलब यह नहीं है कि पैचअप करना हमेशा गलत फैसला होता है। कुछ कपल्स दोबारा जुड़कर अपने रिश्ते को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बना लेते हैं, लेकिन ऐसा तभी मुमकिन है जब वे:
- आपस में ईमानदारी से बातचीत करने के लिए तैयार हों।
- यह स्वीकार करें कि उनसे कहां गलती हुई।
- रिश्ते में सार्थक और जरूरी बदलाव लाएं।
अगर यह कोशिश नहीं की जाती है, तो ब्रेकअप और पैचअप का यह चक्र सिर्फ मानसिक रूप से थका देने वाला बन जाता है और रिश्ते को एक स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ने से रोकता है।