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    क्या Gen Z को शादी से डर लगता है? साइकियाट्रिस्ट ने डिकोड किया 'कमिटमेंट फोबिया'

    Updated: Tue, 24 Feb 2026 02:46 PM (GMT+05:30)

    मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पवित्रा शंकर के अनुसार, Gen Z ने प्यार से मुंह नहीं मोड़ा है, बल्कि रिश्तों को देखने का उनका नजरिया बदल गया है। ...और पढ़ें

    साइकियाट्रिस्ट ने बताया क्यों शादी से कतरा रहे हैं Gen Z? (Image Source: AI-Generated)

    साइकियाट्रिस्ट ने बताया क्यों शादी से कतरा रहे हैं Gen Z? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या आज की नई पीढ़ी यानी 'Gen Z' ने प्यार पर से भरोसा पूरी तरह से उठा लिया है? आकाश हेल्थ केयर की मनोरोग विशेषज्ञ (एसोसिएट कंसल्टेंट- साइकियाट्री) डॉ. पवित्रा शंकर के अनुसार, ऐसा सोचना बिल्कुल भी सही नहीं है। असल बात यह है कि इस पीढ़ी ने प्यार से मुंह नहीं मोड़ा है, बल्कि रिश्तों को देखने का उनका नजरिया अब पूरी तरह से बदल गया है।

    Gen Z marriage trends

    (Image Source: AI-Generated) 

    क्यों इतने प्रैक्टिकल हो गए हैं आज के युवा?

    आज की पीढ़ी भावनाओं में बहने के बजाय ज्यादा प्रैक्टिकल हो गई है। इसके पीछे कई अहम कारण हैं (Why Gen Z Avoids Marriage)। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, करियर बनाने का भारी दबाव, आर्थिक रूप से अस्थिरता और रिश्तों में बढ़ती असुरक्षा की भावना ने उनके सोचने के तरीके को बदल दिया है। यही वजह है कि वे किसी भी रिश्ते में कदम रखने से पहले बहुत गहराई से विचार करते हैं।

    शादी अब सिर्फ 'सामाजिक जिम्मेदारी' नहीं

    जब बात शादी की आती है, तो Gen Z इसे महज एक सामाजिक फर्ज मानकर नहीं निभाना चाहती। उनके लिए अब किसी भी पार्टनर के साथ मानसिक और भावनात्मक रूप से मेल खाना यानी कम्पैटिबिलिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है। आज के युवा शादी जैसे बड़े फैसले को टाल रहे हैं, क्योंकि वे पहले खुद को अच्छी तरह समझना चाहते हैं। वे अपनी जिंदगी और करियर में पूरी तरह से स्थिरता लाना चाहते हैं।

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    (Image Source: Freepik)

    कड़वे अनुभव और कमिटमेंट का डर

    इसके अलावा, लोगों के बार-बार होते ब्रेकअप और टॉक्सिक रिश्तों के कड़वे अनुभवों ने भी इस पीढ़ी के मन में कमिटमेंट को लेकर एक गहरा डर पैदा कर दिया है। इसी डर की वजह से वे किसी के साथ जुड़ने से कतराते हैं।

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    मजबूत रिश्ते का मंत्र

    डॉ. पवित्रा शंकर का मानना है कि इस डर और उलझन के बावजूद मजबूत रिश्ते बनाए जा सकते हैं। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है- रिश्तों में सही और स्पष्ट बातचीत, इमोशनल मैच्योरिटी और एक-दूसरे से ऐसी उम्मीदें रखना जो असल जिंदगी में पूरी की जा सकें। यही एक सफल और मजबूत रिश्ते की असली चाबी है।

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