परफेक्ट पार्टनर की तलाश हुई बंद! अब 6-7 डेटिंग पसंद कर रहा Gen-Z; क्या है यह नया ट्रेंड?
Gen-Z अब 'परफेक्ट पार्टनर' की बजाय '6-7 डेटिंग' ट्रेंड अपना रहा है, जहाँ सुरक्षा, शांति और खुशी को प्राथमिकता दी जाती है। यह नया तरीका रिश्तों में दिख ...और पढ़ें

'6-7 डेटिंग' क्यों बन रहा है युवाओं की पसंद (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी ने कभी न कभी पहली नजर के प्यारा के बारे में जरूर सुना होगा। बॉलीवुड फिल्में हो या के-ड्रामा का कोई सीन, पुरानी जनरेशन्स आज भी पहली नजर के प्यार पर भरोसा करती थी।
हालांकि, Gen-Z के लिए प्यार करने का तरीका अब काफी ज्यादा बदल चुका है। इस नई पीढ़ी ने प्यार का एक नया और आसान तरीका ढूंढ लिया है, जिसे '6-7 डेटिंग' कहा जाता है। आइए जानते हैं आखिर क्या है यह नया ट्रेंड जिसने डेटिंग की पुरानी डेफिनेशन को पूरी तरह से बदल दिया है।
क्या है डेटिंग का यह नया ट्रेंड?
फिल्में और टीवी-सीरियल्स को देखकर हम अक्सर ऐसे पार्टनर का सपना देखते हैं, जो 10/10 यानी बिल्कुल परफेक्ट हो, लेकिन जेन-जी के 6-7 डेटिंग ट्रेंड के मुताबित ऐसा पार्टनर चुनना चाहिए, जिसके साथ आप खुद को सुरक्षित महसूस करें, शांत और खुश रहें।
क्यों वायरल हो रहा यह ट्रेंड?
फिल्मी और सोशल मीडिया की दुनिया हमें परफेक्ट प्यार का सपना दिखाती है। असल जिंदगी में रिश्ते अक्सर स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या दोस्तों के बीच बनते हैं, लेकिन लोग परफेक्ट न होने के डर से उन्हें ठुकरा देते हैं। इसलिए Gen-Z इसी सोच को बदलना चाहती है।
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6-7 डेटिंग क्यों बेहतर मानी जा रही है?
यह ट्रेंड इसलिए वायरल हो रहा क्योंकि नई पीढ़ी का ऐसा मानना है कि इसमें पार्टनर ज्यादा समझदार, भरोसेमंद और केयरिंग होता है। ऐसे रिश्तों में झगड़े कम और सुकून ज्यादा होता है। 10/10 दिखने वाला रिश्ता कई बार अंदर से थका देने वाला साबित होता है, जिससे स्ट्रेस बढ़ता है।
6-7 डेटिंग न को पूरी तरह से कमिटमेंट है और सिर्फ कैजुअल डेटिंग हैं। यह दोनों के बीच का रास्ता है, जहां आप सामने वाले पर भरोसा करते हैं, लेकिन खुद पर भी ध्यान देते हैं।
कुछ लोगों के लिए क्यों गलत है यह ट्रेंड?
कुछ लोगों का कहना है कि पार्टनर को 6 या 7 कहना सही नहीं है। उन्हें लगता है कि यह समझौता करने जैसा है या अकेलेपन के डर से लिया गया फैसला है। हालांकि, यह डेटिंग हमें सिखाती है कि रिश्तों में परफेक्शन से ज्यादा समझ और साथ निभाने की सोच जरूरी है।