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    बच्चे के सामने पेरेंट्स काटते हैं एक दूसरे की बात, तो समझ लीजिए आप खुद बिगाड़ रहे हैं उनका भविष्य

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 03:22 PM (IST)

    जब माता-पिता बच्चों के सामने एक-दूसरे की बात काटते हैं, तो यह मासूम के भविष्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। ...और पढ़ें

    कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं बन रहा चिड़चिड़ा? (Image Source: AI-Generated)

    कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं बन रहा चिड़चिड़ा? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर घरों में ऐसा होता है कि मम्मी ने बच्चे को किसी बात के लिए मना किया, और तुरंत पापा ने कह दिया, "अरे कोई बात नहीं, करने दो!" या फिर पापा बच्चे को कोई बात समझा रहे हों और मम्मी बीच में बोल पड़ें, "तुम्हें तो कुछ पता ही नहीं है।"

    देखने में यह बहुत आम सी बात लगती है। हमें लगता है कि हम तो बस अपनी राय रख रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी-सी आदत आपके बच्चे के कोमल दिमाग पर कितना गहरा और बुरा असर डाल रही है? अगर आप भी अनजाने में ऐसा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आइए जानते हैं कि माता-पिता की यह आदत बच्चे के भविष्य को कैसे नुकसान पहुंचाती है।

    Parenting Mistakes

    (Image Source: AI-Generated) 

    बच्चा हो जाता है कन्फ्यूज

    जब माता-पिता किसी एक बात पर सहमत नहीं होते और एक-दूसरे की बात काटते हैं, तो बच्चा उलझन में पड़ जाता है। उसे समझ ही नहीं आता कि उसे किसकी बात माननी चाहिए- मम्मी की या पापा की? सही और गलत के बीच का फर्क उसके लिए धुंधला हो जाता है।

    कम होने लगता है माता-पिता का सम्मान

    जब आप बच्चे के सामने अपने पार्टनर को गलत साबित करते हैं या उन्हें नीचा दिखाते हैं, तो बच्चे के मन में उस पार्टनर के लिए सम्मान कम होने लगता है। बच्चा यह सोचने लगता है कि जब मम्मी या पापा ही इनकी बात नहीं सुनते, तो मैं क्यों सुनूं? धीरे-धीरे वह भी आपकी बातों को अनसुना करना और पलटकर जवाब देना शुरू कर देता है।

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    बच्चे सीख जाते हैं फायदा उठाना

    बच्चे बहुत स्मार्ट होते हैं। जब वे समझ जाते हैं कि मम्मी और पापा की राय एक नहीं है, तो वे इस स्थिति का पूरा फायदा उठाते हैं। उदाहरण के लिए, अगर मम्मी ने टीवी देखने से मना किया है, तो वे तुरंत पापा के पास जाएंगे क्योंकि उन्हें पता है कि पापा, मम्मी की बात काट देंगे। इस तरह बच्चे अपनी बात मनवाने के लिए 'मैनिपुलेशन' सीख जाते हैं और जिद्दी हो जाते हैं।

    गलत संवाद का तरीका सीखना

    बच्चे अपने माता-पिता की परछाई होते हैं। वे वही करते हैं जो वे घर में देखते हैं। अगर वे देखेंगे कि बात करते समय आप एक-दूसरे की बात बीच में ही काट देते हैं और सामने वाले की पूरी बात नहीं सुनते, तो वे भी यही सीखेंगे। भविष्य में वे अपने दोस्तों, स्कूल के टीचर्स और समाज में अन्य लोगों के साथ भी ऐसा ही बुरा व्यवहार करने लगेंगे।

    घर का माहौल और मानसिक तनाव

    जब माता-पिता हर बात पर एक-दूसरे से असहमत होते हैं और बहस करते हैं, तो घर में हमेशा एक तनाव बना रहता है। बच्चे को लगने लगता है कि उसके माता-पिता के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। इस डर और तनाव की वजह से बच्चे का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है।

    आखिर क्या करें पेरेंट्स?

    पेरेंटिंग एक टीम वर्क है। अगर आपको अपने पार्टनर की कोई बात या बच्चे को दी गई कोई सजा गलत भी लगती है, तो उस वक्त बच्चे के सामने उन्हें गलत न ठहराएं। उस समय पार्टनर की बात का समर्थन करें। बाद में, जब बच्चा वहां न हो, तब अकेले में बैठकर अपने पार्टनर से उस विषय पर आराम से बात करें।

    बच्चे के सामने हमेशा यह दिखाएं कि आप दोनों एक ही टीम में हैं। याद रखिए, आपकी आपसी समझ, सम्मान और प्यार ही आपके बच्चे के एक सुनहरे भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

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