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    हिल स्टेशन ट्रिप में कहां खर्च बढ़ जाता है? ये 5 गलतियां आपकी जेब पर पड़ती हैं भारी

    Updated: Thu, 21 May 2026 08:00 PM (GMT+05:30)

    हिल स्टेशन घूमते समय कई बार ऐसा होता है कि हमारा खर्च हमारे बजट से ज्यादा हो जाता है। इसके पीछे कुछ मामूली गलतियां जिम्मेदार हैं। ...और पढ़ें

    हिल स्टेशन घूमते हुए इन जगहों पर बढ़ जाता है खर्च (AI Generated Image)

    हिल स्टेशन घूमते हुए इन जगहों पर बढ़ जाता है खर्च (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियां हों या वीकेंड, पहाड़ों की ठंडी हवाएं और खूबसूरत वादियां हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। एक अच्छा-सा हिल स्टेशन चुनकर हम बजट तो तैयार कर लेते हैं, लेकिन अक्सर पहाड़ों से लौटने के बाद जब हम अपना बैंक बैलेंस देखते हैं, तो होश उड़ जाते हैं। 

    असल में, ट्रिप के दौरान हम कई ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते, जो धीरे-धीरे हमारा बजट बिगाड़ देते हैं। इसलिए अगर आप भी किसी हिल स्टेशन पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 बातों को पहले से जान लें, जहां अक्सर उम्मीद से ज्यादा खर्च हो जाता है।

    लोकल ट्रांसपोर्ट और टैक्सी का किराया

    हिल स्टेशन ट्रिप में सबसे बड़ा डेंट आपके बजट पर वहां का लोकल ट्रांसपोर्ट लगाता है। पहाड़ों में ऊंचे-नीचे रास्ते होने के कारण ऑटो या रिक्शा जैसी सुविधाएं बेहद सीमित या न के बराबर होती हैं। ऐसे में आपको पूरी तरह लोकल टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ता है। हिल स्टेशन्स के अपने टैक्सी यूनियन होते हैं, जिनके रेट्स काफी ज्यादा और फिक्स होते हैं। पीक सीजन के दौरान यह खर्च दोगुना तक बढ़ जाता है। कई बार मेन मार्केट से होटल तक आने-जाने में ही हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं।

    होटल की लोकेशन और बुकिंग

    कई बार सस्ते के चक्कर में हम बहुत दूर होटल ले लेते हैं, लेकिन फिर वहां तक पहुंचने के लिए भारी टैक्सी किराया चुकाना पड़ता है, जिससे बात बराबर हो जाती है। इसके अलावा, लास्ट मिनट में होटल बुक करना भी काफी महंगा पड़ता है, खासकर अगर आप पीक सीजन में जा रहे हैं। इसलिए होटल की बुकिंग समय पर करवा लें और लोकेशन भी जरूर चेक कर लें। 

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    खान-पान और पानी की बोतलें

    पहाड़ों पर रोजमर्रा की चीजें, फल, सब्जियां और राशन मैदानी इलाकों से ट्रक के जरिए पहुंचाए जाते हैं। इस ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट की वजह से वहां खाने-पीने की चीजें सामान्य से काफी महंगी होती हैं। टूरिस्ट स्पॉट के पास बने रेस्तरां और कैफे में एक साधारण मील की कीमत भी बहुत ज्यादा हो सकती है,जो धीरे-धीरे आपके खर्च को बढ़ा देती है।

    एडवेंचर एक्टिविटीज और साइटसीइंग

    हिल स्टेशन जाकर पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, केबल कार राइड या ट्रेकिंग जैसी एक्टिविटीज न की जाएं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता, लेकिन इन एडवेंचर स्पोर्ट्स के रेट बहुत ज्यादा होते हैं। अक्सर हम ट्रिप के बजट में इन्हें शामिल करना भूल जाते हैं। इसलिए बजट बनाते समय इन एक्टिविटीज को भी ध्यान में रखें।

    गरम कपड़ों की खरीदारी और गियर रेंटल्स

    कई बार हम मैदानी इलाकों के तापमान को देखकर सही गरम कपड़े साथ नहीं ले जाते। पहाड़ों पर अचानक मौसम बदलने या बर्फबारी होने पर मजबूरी में वहां के महंगे बाजारों से जैकेट, ग्लव्स या शॉल खरीदने पड़ते हैं। वहीं, अगर आप स्नो-पॉइंट पर जा रहे हैं, तो वहां जाने के लिए स्पेशल गमबूट्स और स्नो-सूट किराए पर लेने होते हैं। यह रेंटल कॉस्ट भी प्रति व्यक्ति के हिसाब से बजट को काफी बढ़ा देती है।