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    21 फीट लंबे अजगर और 300 से ज्यादा पक्षियां, मानसून में वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए जन्नत है केवलादेव नेशनल पार्क

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 11:22 AM (IST)

    केवलादेव नेशनल पार्क मानसून में वन्यजीव प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन जाता है, जहां स्थानीय पक्षियों का प्रजनन और अजगरों का दीदार होता है। ...और पढ़ें

    केवलादेव नेशनल पार्क में करें खूबसूरत पक्षियों का दीदार (Picture Courtesy: Facebook)

    केवलादेव नेशनल पार्क में करें खूबसूरत पक्षियों का दीदार (Picture Courtesy: Facebook)

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपको वाइल्ड लाइफ देखने का शौक है, तो आपको एक बार राजस्थान के भरतपुर में स्थित केवलादेव नेशनल पार्क जरूर जाना चाहिए। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल एक वेटलैंड इकोसिस्टम है। सर्दी के मौसम में यहां माइग्रेटरी बर्ड्स का मेला लग जाता है, लेकिन मानसून की शुरुआत के साथ ही इस पार्क का एक नया रूप देखने को मिलता है। 

    मानसून में अगर आप केवलादेव नेशनल पार्क घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये ट्रैवल गाइड आपके लिए ही है। आइए जानें यहां के वन्यजीवों, सफारी और प्राकृतिक खूबसूरती से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी। 

    मानसून में बर्डवॉचिंग का मजा

    बारिश का महीना केवलादेव में स्थानीय पक्षियों के ब्रीडिंग यानी प्रजनन का समय होता है। मानसून की पहली फुहार के साथ ही पार्क की सूखी पड़ी झीलें पानी से भरने लगती हैं और पूरा जंगल एकदम हरा-भरा हो जाता है।

    Keoladeo National Park

    (Picture Courtesy: Facebook)

    पक्षियों की चहचाहट से गूंज उठता है पार्क 

    मानसून में आपको प्रवासी पक्षी तो देखने नहीं मिलेंगे, लेकिन यहां के रेसिडेंट बर्ड्स देखने का मौका मिल सकता है। खास बात है कि इस नेशनल पार्क 200 माइग्रेट्री बर्ड्स की प्रजातियों, 75 रेसिडेंट बर्ड्स और 100 प्रजाति लोकल माइग्रेट्री बर्ड्स का आवास है।

    बारिश के महीने में पेंटेड स्टॉर्क, बगुले, कॉर्मोरेंट और स्पूनबिल अपने घोंसले बनाना और अंडे देना शुरू करते हैं और पूरा पार्क इनकी चहचहाहट से गूंज उठता है। इस महीने में आप सारस क्रेन पक्षियों का कोर्टशिप डांस भी देख सकते हैं, जो देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता है। 

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    इन जानवरों का भी करें दीदार

    पक्षियों के साथ-साथ पार्क के घास के मैदानों और जंगलों में आपको कई शानदार जानवर देखने को मिल सकते हैं, जैसे- नीलगाय, चीतल, सांबर, जंगली सूअर। ये जानवर आपको से पार्क में घूमने हुए आसानी से नजर आ जाएंगे। आपको यहां सियार और गीदड़ भी दिखाई दे सकते हैं। 

    यहां आपको मीठे पानी के कछुओं की प्रजातियां भी दिखाई दे सकती हैं। पूरे राजस्थान में मीठे पानी के कछुओं की 11 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिसमें से 7 आपको यहां केवलादेव नेशनल पार्क में मिल जाएंगे। खासतौर से ब्लैक पॉन्ड टर्टल और इंडियन पीकॉक सॉफ्टशेल टर्टल राजस्थान में सिर्फ इसी नेशनल पार्क में देखने को मिलते हैं। 

    Keoladeo National Park (1)

    पायथन पॉइन्ट मिस न करें

    केवलादेव अपने पायथन पॉइन्ट के लिए भी जाना जाता है। पूरे भारत में सबसे ज्यादा अजगर आपको यहीं देखने को मिलेंगे, जिनकी लंबाई 18 से 21 फीट हो सकती है। मानसून में नमी बढ़ने के कारण चट्टानों के बीच ये अजगर और मॉनिटर लिजार्ड आसानी से नजर आ जाते हैं। 

    Keoladeo National Park (3)

    (Picture Courtesy: Facebook)

    केवलादेव ट्रैवल गाइड

    • पार्क घूमने का समय- केवलादेव नेशनल पार्क पूरे साल सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। 
    • टिकट- पार्क में जाने के लिए भारतीयों के लिए टिकट प्राइज 175 रुपए है, भारतीय स्टूडेंट्स के लिए 75 रुपए और फॉरेनर्स के लिए 1050 रूपए।  
    • सफारी- पार्क के अंदर जीप या कैंटर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसलिए पार्क घूमने के लिए आप रिक्शा सफारी बुक कर सकते हैं या साइकिल रेंट कर सकते हैं। रिक्शा के प्राइस हर दो घंटे के लिए 800 रुपए हैं। 
    • गाइड- पार्क को बेहतर तरीके से घूमने के लिए आप गाइड बुक कर सकते हैं, जिसके लिए हर दो घंटे के 800 रुपए चार्ज देने होंगे। 
    • मानसून के लिए टिप्स- बारिश के महीने में उमस काफी बढ़ जाती है। इसलिए हल्के कपड़े पहनें, अपने साथ मॉस्क्वीटो रेपेलेंट क्रीम, रेनकोट और दूरबीन रखें।