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    ट्रेन में मिडिल बर्थ खोलने का सही समय क्या है? विवाद से बचने के लिए यात्रियों को जरूर जानना चाहिए यह नियम

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 02:05 PM (IST)

    भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, मिडिल बर्थ को एक तय समय तक ही खोला जा सकता है ताकि लोअर बर्थ वाले यात्रियों को असुविधा न हो। ...और पढ़ें

    ट्रेन के सफर में नहीं चाहते विवाद? (Image Source: AI-Generated)

    ट्रेन के सफर में नहीं चाहते विवाद? (Image Source: AI-Generated)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी हम ट्रेन की टिकट बुक करते हैं, तो दिल के किसी कोने में एक ही दुआ होती है- 'बस लोअर बर्थ मिल जाए!' खिड़की से आती हवा और भागते नजारों को देखते हुए सफर करने का सुकून ही कुछ और है।

    हालांकि, रेलवे की हमेशा यही कोशिश रहती है कि ये आरामदायक सीट बुजुर्गों को दी जाए, ताकि उन्हें ऊपर चढ़ने की जहमत न उठानी पड़े... लेकिन असली ड्रामा तो कहीं और है!

    जी हां, पूरे डिब्बे में अगर कोई एक सीट यात्रियों के बीच सबसे ज्यादा 'महाभारत' और बहस की वजह बनती है, तो वो है हमारी और आपकी चहेती- 'मिडिल बर्थ'।"

    दिन में मिडिल बर्थ खोलने से होती है दिक्कत

    कई बार ऐसा होता है कि कुछ यात्री दिन के समय ही अपनी मिडिल बर्थ खोल लेते हैं। ऐसा करने से लोअर बर्थ वाले यात्रियों को सीधे बैठने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को सुलझाने और यात्रियों का सफर आरामदायक बनाने के लिए रेलवे ने मिडिल बर्थ से जुड़े कुछ बेहद जरूरी नियम बनाए हैं।

    क्या है मिडिल बर्थ खोलने का सही समय?

    भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, आप मिडिल बर्थ को सिर्फ रात में सोने के लिए ही खोल सकते हैं। इसके लिए बकायदा एक समय तय किया गया है। नियम के अनुसार, यात्रियों को रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही मिडिल बर्थ खोलने की अनुमति है।

    सुबह 6 बजे के बाद और रात 10 बजे से पहले मिडिल बर्थ को फोल्ड करके रखना होता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि लोअर बर्थ वाले यात्री दिन में आराम से बैठ सकें। हालांकि, अगर अन्य सहयात्री सहमत हों, तो बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को दिन के समय भी मिडिल बर्थ इस्तेमाल करने की छूट दी जा सकती है।

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    क्या नियम तोड़ने पर लगता है जुर्माना?

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कोई यात्री दिन में मिडिल बर्थ खोलता है, तो क्या उस पर कोई जुर्माना लगता है? जानकारी के लिए बता दें कि दिन में मिडिल बर्थ खोलने पर किसी भी तरह के जुर्माने या सख्त कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है।

    लेकिन, यह बात पूरी तरह सच है कि दिन में सीट खोलना रेलवे के तय नियमों के खिलाफ है। ऐसे में, अगर आपके मिडिल बर्थ खोलने से लोअर बर्थ वाले यात्री को कोई परेशानी होती है या वह इस पर आपत्ति जताता है, तो आपको अपनी मिडिल बर्थ हर हाल में बंद करनी पड़ेगी।

    अगर कोई यात्री बात न माने तो क्या करें?

    सफर के दौरान कई बार ऐसा भी होता है कि आपके प्यार से अनुरोध करने के बाद भी सामने वाला यात्री मिडिल बर्थ बंद करने से मना कर देता है और नियमों का पालन नहीं करता। ऐसे हालात में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप सीधे ट्रेन में मौजूद टीटीई से उस यात्री की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, आप रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर '139' पर संपर्क करके भी तुरंत मदद मांग सकते हैं।

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