जापान ने अचानक क्यों कैंसिल किया अपना मशहूर चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
माउंट फूजी की बर्फ से ढकी चोटियों और चेरी ब्लॉसम के खूबसूरत नजारों को देखने के लिए पूरी दुनिया बेताब रहती है, लेकिन पर्यटको की भीड़ और ट्रैफिक जाम से ...और पढ़ें

पर्यटकों की भीड़ ने बढ़ाई मुसीबत, जापान का फेमस 'चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल' हुआ रद्द (Image Source: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जरा सोचिए कि टूरिस्ट्स बिना पूछे आपके घर का दरवाजा खोल दें या आपके प्राइवेट गार्डन में घुस जाएं? जी हां, जापान के खूबसूरत शहर फुजियोशिदा में कुछ ऐसा ही हुआ है। माउंट फूजी की तलहटी में बसा यह शहर हर साल वसंत में अपने चेरी ब्लॉसम के लिए जाना जाता है।
हालांकि, इस बार पर्यटकों की बेकाबू भीड़ और उनसे जुड़ी अजीबोगरीब हरकतों से तंग आकर, स्थानीय प्रशासन ने इस मशहूर चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल (Japanese Cherry Blossom Festival) को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया है।

(Image Source: Freepik)
स्थानीय लोगों के लिए बना मुसीबत का सबब
अधिकारियों ने यह फैसला तब लिया जब उन्होंने देखा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या शहर की व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। शहर में भीषण ट्रैफिक जाम लग रहे हैं और जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो रहे हैं, लेकिन समस्या सिर्फ इतनी ही नहीं है, बल्कि पर्यटकों का व्यवहार स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। जी हां, कई बार पर्यटक बिना अनुमति के निजी संपत्तियों में घुस रहे हैं।

(Image Source: Freepik)
घरों में घुसपैठ और गंदगी की शिकायतें
शहर के निवासियों ने पर्यटकों की हरकतों के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पर्यटक स्थानीय लोगों के घरों के दरवाजे खोलकर बिना पूछे बाथरूम का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ लोग प्राइवेट बगीचों में घुस जाते हैं, और हद तो तब हो गई जब कुछ लोगों को रिहायशी जमीनों पर ही शौच करते हुए पाया गया। मेयर शिगेरु होरीउची ने कहा कि यह फैसला निवासियों की भलाई और शांति की रक्षा के लिए लिया गया है। उन्होंने इसे एक 'बढ़ता हुआ संकट' बताया जो समुदाय की गरिमा को खतरे में डाल रहा है।

(Image Source: Freepik)
सोशल मीडिया और गिरती करेंसी ने बढ़ाई भीड़
यह उत्सव 2016 में 'अराकुरायामा सेन्जेन पार्क' में शुरू हुआ था, जहां से पगोडा और माउंट फूजी का नजारा बेहद अद्भुत दिखता है। शुरुआत में इसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होती तस्वीरों और जापानी करेंसी (येन) के कमजोर होने के कारण यहां भीड़ बेतहाशा बढ़ गई। अनुमान है कि पीक सीजन के दौरान यहां हर दिन लगभग 10,000 लोग पहुंच रहे हैं, जिसे संभालना अब शहर के बस की बात नहीं रही।
खबरें और भी

(Image Source: Freepik)
'ओवरटूरिज्म' से निपटने की कोशिश
भले ही फेस्टिवल रद्द कर दिया गया है, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि अप्रैल और मई में भी पर्यटकों का आना जारी रहेगा और वे इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। यह कदम जापान में 'ओवरटूरिज्म' को रोकने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है। पिछले साल, पास के ही एक शहर ने भीड़ को रोकने के लिए एक फेमस फोटो स्पॉट पर बड़ा काला पर्दा लगा दिया था। बता दें, सिर्फ जापान ही नहीं, बल्कि रोम और वेनिस जैसे शहर भी अब भीड़ को कंट्रोल करने के लिए एंट्री फीस जैसे कदम उठा रहे हैं। रोम ने ट्रेवी फाउंटेन के पास जाने के लिए 2 यूरो की एंट्री फीस लगा दी है, और वेनिस अब दिन में आने वाले यात्रियों से 5 से 10 यूरो तक का शुल्क ले रहा है।