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    MP का मांडू: मानसून में जन्नत बन जाती है ये जगह, जहाज महल से लेकर एको पॉइन्ट तक; हर नजारा कर देगा हैरान

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 11:53 AM (IST)

    मांडू, मध्य प्रदेश का एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल ...और पढ़ें

    मानसून में बनाएं मांडू घूमने का प्लान (Picture Courtesy: Govt. of Madhya Pradesh)

    मानसून में बनाएं मांडू घूमने का प्लान (Picture Courtesy: Govt. of Madhya Pradesh)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत का दिल कहलाने वाला मध्य प्रदेश अपनी खूबसूरती की वजह से टूरिज्म का बेहतरीन स्पॉट है। वैसे तो यहां घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं, लेकिन मांडू की बराबरी कोई नहीं करता। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शानदार वास्तुकला के कारण मांडू यूनेस्को की टेंटेटिव वर्ल्ड हेरिटेड साइट लिस्ट में भी शामिल है। 

    मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित मांडू या मांडव इंदौर से लगभग 100 किमी दूर है। आज भले ही दूर से एक छोटा-सा शहर नजर आता है, लेकिन एक समय था जब यह दुनिया के सबसे समृद्ध और बड़े शहरों में से एक था।   

    यह शहर विंध्याचल पर्वत शृंखला पर समुद्र तल से दो हजार फीट की ऊंचाई पर बसा है, जिसे एक गहरी खाई मालवा पठार से अलग करती है। अपनी इसी प्राकृतिक बनावट के कारण यह सालों तक राजाओं-महाराजाओं का पसंदीदा गढ़ रहा है। इन्हीं राजाओं के शासन काल में मांडू में कई ऐतिहासिक इमारतें बनाई गईं, जो आज दुनियाभर में अपनी वास्तुकला के लिए मशहूर हैं। अगर आप प्राकृतिक खूबसूरती और मांडू की शांति में खो जाना चाहते हैं, तो आइए जानें यहां आप क्या-क्या देख सकते हैं। 

    जहाज महल 

    Jahaj Mahal

    (Picture Courtesy: Govt. Of Madhya Pradesh)

    ये दो मंजिला भव्य महल मांडू की पहचान है। यह दो कृत्रिम झीलों, कूपर और मुंज सागर तालाब के बीच बना है और इसकी बनावट इस तरह है कि ऐसा लगे, जैसे पानी के बीच कोई बड़ा जहाज खड़ा हो। इसलिए इसे जहाज महल कहा जाता है। मानसून में जब झीलें पानी से भर जाती हैं, तब यह और भी खूबसूरत लगता है। 

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    हिंडोला महल

    Hindola Mahal

    (Picture Courtesy: Govt. Of Madhya Pradesh)

    हिंडोला महल का मतलब होता है झूला और इस महल को ये नाम इसकी बनावट के कारण मिला है। इस महल की दीवारें थोड़ी टेढ़ी हैं, जिसके कारण यह इमारत झूले जैसी नजर आती है। यह राजा का शाही दरबार हुआ करता था और मांडू के शाही महल परिसर की इमारतों का एक हिस्सा है। 

    होशांग शाह का मकबरा

    Hoshang Shah Tpmb

    (Picture Courtesy: Govt. Of Madhya Pradesh)

    सफेद संगमरमर से बनी इमारत का नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले ताज महल आता है, लेकिन उससे भी पहले मांडू का होशांग शाह का मकबरा सफेद संगमरमर से बनाया गया था। माना जाता है कि यह भारत की पहली सफेद संगमरमर से बनी इमारत है और मुगल बादशाह शाहजहां ने ताज महल बनवाने से पहले अपने वास्तुकार उस्ताद हामिद को इस मकबरे का मुआयना करने भेजा था। 

    जामी मस्जिद 

    ये मांडू की सबसे पुरानी इमारतों में से एक है। इस मस्जिद का निर्माण होशांग शाह के शासन काल में शुरू हुआ था, लेकिन मोहम्मद खिलजी के शासन में इसका विस्तार हुआ। यह मस्जिद 4.6 मीटर ऊंचे चबूतरे पर बना है। इस पर चार बड़े गुंबद और 160 छोटे गुंबद बने हैं, जो इसकी खूबसूरती पर चार चांद लगाते हैं। हालांकि, अब सिर्फ 80 गुबंद ही बचे हैं। इस मस्जिद को इस तरह बनाया गया है कि बिना किसी माइक के भी हर कोने में आसानी से आवाज पहुंच सकती है।  

    बाज बहादुर महल 

    Bajbahadur Mahal

    (Picture Courtesy: Govt. Of Madhya Pradesh)

    मालवा के सुल्तान मलिक बैजिद, जिन्हें बाज बहादुर के नाम से जाना जाता है, बेहद उमदा गायक और तलवारबाज थे। कहा जाता है कि जब वे राग दीपक गाते थे, तो खुद ब खुद दीए जल जाते थे। गोंडवा की रानी दुर्गावती से युद्ध में मात खाने के बाद वे मांडू में बस गए और अपना जीवन संगीत को समर्पित कर दिया। अपनी रानी रूपमती के साथ वे यहीं संगीत का रियाज किया करते थे। 

    रूपमती मंडप

    Roopmati Pavillion

    (Picture Courtesy: Govt. Of Madhya Pradesh)

    बाज बहादुर महल के पास स्थित है रानी रूपमती मंडप। रानी यहां से नर्मदा नदी के दर्शन किया करती थीं। बाज बहादुर राग दीपक के उस्ताद थे और रानी रूपमती राग मल्हार की। संगीत के साथ-साथ नर्मदा नदी में भी उनकी खूब आस्था थी। यहां से आप नर्मदा नदी के दीदार कर सकते हैं, जो बारिश के मौसम में और ज्यादा बढ़ जाती है। 

    एको पॉइन्ट 

    अगर आप दाई महल की ओर मुंह करके तेज आवाज में कुछ बोलेंगे, तो आपको अपनी आवाज गूंजती हुई सुनाई देगी। इसे इस तरह बनाया गया है कि यहां से आवाज गूंजकर 35 किमी दूर तक पहुंच सकती है। 

    घूमने का बेस्ट समय

    मांडू घूमने के लिए बारिश का महीना सबसे बेहतरीन है। जुलाई से सिंतबर के महीनों में यहां की खूबसूरती और बढ़ जाती है। विंध्याचल की पहाड़ियां हरियाली से घिर जाती है और मौसम इतना सुहाना हो जाता है कि घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। 



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