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    10 जनवरी से शुरू हुआ World Book Fair 2026, एंट्री है बिल्कुल फ्री; पढ़ें सभी जरूरी डिटेल्स

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 10:00 AM (IST)

    बुक लवर्स के लिए साल का सबसे बड़ा फेस्टिवल आ गया है। जी हां, 50 वर्षों से भी ज्यादा समय से पाठकों के दिलों पर राज करने वाला 'New Delhi World Book Fair' ...और पढ़ें

    World Book Fair 2026: दिल्ली में चल रहा किताबों का महाकुंभ (Image Source: AI-Generated)

    World Book Fair 2026: दिल्ली में चल रहा किताबों का महाकुंभ (Image Source: AI-Generated) 

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किताबों की दुनिया का सबसे बड़ा जश्न- नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (World Book Fair 2026) इस साल एक नए अंदाज और भव्यता के साथ वापस आ गया है। बता दें, 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक, नई दिल्ली का शानदार भारत मंडपम एक वैश्विक मंच में बदल चुका है।

    नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह 53वां संस्करण इतना विशाल है कि यह 40,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। यहां 35 से ज्यादा देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशकों ने हिस्सा लिया है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े और बेहतरीन साहित्यिक आयोजनों में से एक बनाते हैं।

    world book fair

    (Image Source: nbtindia.gov.in) 

    बेहद खास है इस साल की थीम

    साल 2026 के विश्व पुस्तक मेले का मकसद बेहद खास है। इस बार की मुख्य थीम “Indian Military History: Valour and Wisdom @ 75” है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित है। यह थीम आजादी के बाद से थल सेना, नौसेना और वायु सेना के योगदान को दर्शाती है।

    इसके लिए एक विशेष पवेलियन बनाया गया है, जहां आप किताबों, तस्वीरों और लाइव शो के जरिए सेना के इतिहास को जान सकते हैं। यहां सैन्य रणनीति और इतिहास पर 500 से ज्यादा किताबें मौजूद हैं, जिनमें से कई खुद सैनिकों और दिग्गजों द्वारा लिखी गई हैं।

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    कतर 'गेस्ट ऑफ ऑनर' तो स्पेन 'फोकस कंट्री'

    भले ही यह मेला दिल्ली में हो, लेकिन यहां आकर आपको पूरी दुनिया की सैर जैसा एहसास होगा। इस साल कतर को 'गेस्ट ऑफ ऑनर' बनाया गया है, जिनका अपना एक विशेष स्थान होगा। साथ ही, स्पेन एक 'फोकस कंट्री' है, इसलिए आपको स्पेनिश लेखकों और कहानियों की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके अलावा रूस, जापान और यूएई जैसे देश भी अपने स्टॉल लगा रहे हैं।

    बच्चों के लिए मस्ती का पूरा इंतजाम

    अगर आप बच्चों के साथ आ रहे हैं, तो हॉल नंबर 6 जाना न भूलें। इसे 'चिल्ड्रन्स पवेलियन' या 'किड्ज एक्सप्रेस' नाम दिया गया है। यहां बच्चों के लिए सिर्फ किताबें ही नहीं, बल्कि ढेर सारी मस्ती भी है:

    • स्टोरी टेलिंग सेशन
    • कार्टून बनाने और कैलिग्राफी सिखाने वाली वर्कशॉप
    • क्रिएटिव कॉर्नर्स, जहां बच्चे खेल सकते हैं और विदेशी लेखकों से मिल सकते हैं
    • लाइव म्यूजिक से पोएट्री नाइट्स तक

    सूरज ढलने के बाद भी मेले की रौनक कम नहीं होती। हर शाम यहां लाइव म्यूजिक और लोक नृत्य का आयोजन होगा। इस साल की मिलिट्री थीम के मुताबिक, आप आर्मी और नेवी के बैंड की धुन सुन सकेंगे। प्रसिद्ध संगीतकार रिकी केज और पारंपरिक लोक गायक भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कविता प्रेमियों के लिए 'पोएट्री नाइट्स' का भी आयोजन है, जहां देश-विदेश के कवि अपनी रचनाएं सुनाएंगे।

    डिजिटल कियोस्क पर पढ़ें हजारों किताबें

    आजकल बहुत से लोग फोन या टैबलेट पर पढ़ना पसंद करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 'राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय' कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यहां डिजिटल कियोस्क लगाए गए हैं, जहां आप 6,000 से अधिक मुफ्त ई-बुक्स देख सकते हैं। साथ ही, एआई और गेमिंग के जरिए कहानियों को नए तरीके से बताने पर भी चर्चा होगी।

    टिकट और समय

    विश्व पुस्तक मेले में जाने के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि इस साल एंट्री बिल्कुल मुफ्त है। जी हां, आपको टिकट खरीदने की कोई जरूरत नहीं है।

    • समय: सुबह 11:00 बजे से रात 8:00 बजे तक (हर दिन)।
    • कैसे पहुंचें: सबसे आसान तरीका दिल्ली मेट्रो है। आप ब्लू लाइन के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर उतरें।
    • शटल सेवा: गेट नंबर 10 पर एक फ्री शटल बस उपलब्ध है जो आपको सीधे एंट्री गेट तक छोड़ेगी।

    ध्यान रहे, आयोजन बहुत बड़ा है, इसलिए बेहतर होगा कि आप आरामदायक जूते पहनकर जाएं ताकि सैन्य प्रदर्शनियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टॉल्स तक सब कुछ आराम से देख सकें।

    Source: www.nbtindia.gov.in

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