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    लग्जरी टूरिज्म का बदलता चेहरा: 5-स्टार होटल नहीं, दुनिया के सबसे अमीर लोगों की नई मांग है 'प्राइवेसी'

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 11:17 AM (IST)

    लग्जरी ट्रैवल का ट्रेंड धीरे-धीरे बदल रहा है। रईस लोग अब एक्सक्लुसिव एक्सपीरिएंस की तलाश कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    बदल रहा है अमीरों के ट्रैवल करने का तरीका (Picture Courtesy: Freepik)

    बदल रहा है अमीरों के ट्रैवल करने का तरीका (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में दुनिया के सबसे अमीर यानी अल्ट्रा-रिच लोगों के लिए छुट्टियां बिताने का मतलब सिर्फ सुंदर जगहें देखना नहीं रह गया है। अब रईस सैलानी आलीशान होटलों के बजाय ऐसे अनोखे अनुभव खरीद रहे हैं, जो आम पर्यटकों की सोच से भी परे हैं। 

    लग्जरी ट्रैवल का यह बाजार इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि 2025 में 163 लाख करोड़ रुपये का यह सेक्टर 2033 तक 194 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। आइए जानें रईसों के इस बदलते ट्रैवल ट्रेंड के बारे में। 

    अनुभव जो किसी और के पास न हों

    अल्ट्रा-रिच वर्ग अब ऐसी यादें डिजाइन करवा रहा है जहां आम सैलानियों की परछाई तक नहीं पहुंचती। एविसा वेकेशंस की सिला डाली के अनुसार, अब लग्जरी का मतलब केवल एक महंगा कमरा नहीं, बल्कि वह एकांत और जुड़ाव है जो उन्हें आसपास के माहौल से महसूस हो। 

    जैसे, रईस सैलानी अब ग्रीस की पुरानी वाइनरी के वाइन टैंकों में रात गुजारने या फिलोसोफिकल चर्चाओं में समय बिताने जैसे अनोखे अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनके लिए प्राइवेसी ही आज की सबसे बड़ी करेंसी बन गई है।

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    Luxury Travel (2)

    (AI Generated Image)

    डेस्टिनेशन एल्केमिस्ट

    लग्जरी की इस दुनिया में अब डेस्टिनेशन एल्केमिस्ट या हाई-एंड कंसीयर्ज सर्विसेज का बोलबाला है। इनकी फीस लगभग 2.8 लाख रुपये से शुरू होती है। ये वो प्रोफेशनल्स हैं, जो रईसों की ऐसी चाहत को पूरा करते हैं जिसे पैसा भी बड़ी मुश्किल से खरीद पाता है।

    चाहे बच्चे के जन्मदिन पर पूरा नेशनल स्टेडियम बुक करना हो और दिग्गज फुटबॉलरों के साथ मैच का आयोजन करना हो, या फिर मानसून की वजह से गीली हुई समुद्री रेत को रातों-रात बदलवाना हो, ये जादूगर सब कुछ मुमकिन बना देते हैं। यहां तक कि क्लाइंट की पसंद के अनुसार होटल के कमरों से खास रंगों को हटवाने जैसे बारीकी वाले काम भी ये बखूबी करते हैं।

    प्राइवेसी और एक्सक्लूसिविटी का नया ठिकाना

    अमीर सैलानी अब ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं जो नक्शे पर तो मौजूद हैं, लेकिन पहुंच से कोसों दूर हैं। इटली के पोर्टोफिनो के विला हों या सेशेल्स के 36 लाख रुपये प्रति रात वाले ठिकाने, मांग सिर्फ एक चीज की है। मालदीव के रोजवुड और बहामास के बुल्गारी रिसॉर्ट जैसे स्थान अब प्राइवेसी के नए स्टैंडर्ड तय कर रहे हैं।

    डिजिटल युग और काम का नया तरीका

    तकनीक की उन्नति ने इन अमीरों को लोकेशन इंडिपेंडेंट बना दिया है। अब वे दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर, डिजिटल वर्क के जरिए अपना कारोबार चला सकते हैं। उनके लिए दुनिया का सबसे दूर कोना भी अब उनका ऑफिस और वेकेशन स्पॉट दोनों बन सकता है। यानी कह सकते हैं कि लग्जरी पर्यटन अब केवल दिखावे से हटकर एक्सक्लूसिविटी और पर्सनल एक्सपीरिएंस की ओर मुड़ गया है, जहां हर वह ख्वाहिश पूरी की जाती है जो कल्पना में असंभव लगती है।