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    भोपाल में यूनियन कार्बाइड के आसपास पेयजल पर उठे गंभीर सवाल, 63 में 43 सैंपल दूषित; मलयुक्त बैक्टीरिया मिले

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 06:34 PM (IST)

    भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास के इलाकों में पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 63 में से 43 पानी के नमूनों मे ...और पढ़ें

    यूका फैक्ट्री के आसपास कॉलोनियों में आ रहा गंदा पानी (एआई से तैयार तस्वीर)

    यूका फैक्ट्री के आसपास कॉलोनियों में आ रहा गंदा पानी (एआई से तैयार तस्वीर)

    HighLights

    1. यूनियन कार्बाइड के पास पेयजल गुणवत्ता पर गंभीर सवाल.

    2. 63 में से 43 पानी के नमूनों में फीकल बैक्टीरिया मिले.

    3. संगठनों ने तत्काल जांच और सुरक्षित पानी की मांग की.

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। पुराने शहर में यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास रहने वाली आबादी के लिए पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। गैस त्रासदी पीड़ितों के लिए काम करने वाले चार प्रमुख संगठनों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में एक जांच रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया कि कारखाने के आसपास की बस्तियों में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी के करीब 70 प्रतिशत नमूनों में फीकल बैक्टीरिया यानी ई-कोलाई/फीकल कोलीफॉर्म पाए गए हैं।

    संगठनों का आरोप है कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास बसे इलाकों में लोगों को सीवेज से दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। रिपोर्ट के सामने आने के बाद इन बस्तियों में पेयजल की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

    63 नमूनों में से 43 में फीकल कोलीफॉर्म मिलने का दावा

    भोपाल गैस पीड़ित महिला-पुरुष संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान के मुताबिक, इसी महीने शहर की 30 बस्तियों में नलों से कुल 63 पानी के नमूने एकत्र किए गए थे। इनमें से 43 नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म पाए जाने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, जांच के आंकड़ों का मतलब है कि 30 में से करीब 19 क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दूषित पेयजल मिलने की आशंका है।

    सीवेजयुक्त पानी के मिलावट का आरोप

    संगठनों ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों से पानी के नमूने लिए गए, वहां नगर निगम की पेयजल आपूर्ति में सीवेज के दूषित पानी के मिलने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम से मामले की तत्काल जांच कराने तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

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    संगठनों का कहना है कि यूनियन कार्बाइड क्षेत्र पहले से ही पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जुड़ा रहा है। ऐसे में पेयजल में फीकल बैक्टीरिया मिलने का दावा स्थिति को और गंभीर बनाता है।