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    विदिशा में शराबी पिता की हैवानियत, दस साल के बेटे को बांधकर मोटरसाइकिल से घसीटा; ग्रामीणों ने बचाया

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 10:29 PM (IST)

    विदिशा के गंजबासौदा में एक पिता ने अपने 10 वर्षीय बेटे को मोटरसाइकिल से बांधकर घसीटा, जिससे वह घायल हो गया। ग्रामीणों ने बच्चे को बचाया और बाल कल्याण ...और पढ़ें

    बच्चों से घटना की जानकारी लेते बाल कल्याण समिति के सदस्य।

    बच्चों से घटना की जानकारी लेते बाल कल्याण समिति के सदस्य। 

    HighLights

    1. गंजबासौदा के ग्राम पड़रिया शिवरामपुर में हुई वारदात।

    2. ग्रामीणों ने बच्चे को बचाया, पुलिस को सूचना दी।

    3. बाल कल्याण समिति ने बच्चों को भोपाल भेजा।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम पड़रिया शिवरामपुर में एक पिता ने कथित तौर पर अपने ही 10 वर्षीय बेटे के हाथ बांधकर उसे मोटरसाइकिल से घसीट दिया, जिससे मासूम घायल हो गया। ग्रामीणों ने समय रहते हस्तक्षेप कर बच्चे को बचाया। मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने पीड़ित बच्चे समेत उसके चारों भाई-बहनों को सुरक्षित संरक्षण के लिए भोपाल स्थित बाल गृह भेज दिया है। वहीं आरोपित पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

    अलमारी टूटने पर बेटे पर उतारा गुस्सा

    जानकारी के अनुसार यह घटना 26 जुलाई की रात की है। बताया गया कि घर की अलमारी टूटने से नाराज पिता ने शराब के नशे में अपने बेटे के हाथ-पैर बांध दिए और उसे मोटरसाइकिल से बांधकर गांव की गलियों में घसीटने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे आरोपित के चंगुल से छुड़ाया।

    ग्रामीणों ने बचाई जान, अस्पताल पहुंचाया

    घटना की सूचना मिलते ही सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे सहित अन्य बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद अंबानगर पुलिस चौकी और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को मामले की सूचना दी गई।

    सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से बच्चों को मिला संरक्षण

    मामले की जानकारी मिलने पर सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन के कार्यकर्ता भी सक्रिय हुए और बच्चों की सुरक्षा की प्रक्रिया शुरू कराई। अगले दिन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाना था, लेकिन उनकी दादी उन्हें अपने साथ ले गईं। बाद में सरपंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयास से बच्चों को सुरक्षित खोजकर विदिशा लाया गया और सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

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    भोपाल भेजे गए बच्चे

    बाल कल्याण समिति के निर्देश पर चारों बच्चों का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद उनकी सुरक्षा को देखते हुए सभी बच्चों को भोपाल स्थित बाल गृह भेज दिया गया।

    सरपंच बोले- आरोपित खुला घूम रहा

    सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपित को छोड़ दिया है और वह गांव में कुल्हाड़ी लेकर खुलेआम घूमते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपित लंबे समय से नशे का आदी है और पहले भी अपने बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता रहा है। घटना सामने आने के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है और आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।