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    भोपाल में बीयू का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव; अब गेंद सरकार के पाले में

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 09:58 PM (IST)

    राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने अपना नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव अब उच्च शिक्षा वि ...और पढ़ें

    भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार। (फाइल फोटो)

    भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार। (फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी का प्रतिष्ठित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी के नाम से पीछा छुड़ाना चाहता है। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने इसका नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव पारित किया है। इसे अब उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा।

    बदलाव के लिए दिया यह तर्क

    प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि शिक्षा संस्थान का नाम क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और गरिमा को दर्शाने वाला होना चाहिए। मौलाना बरकतउल्ला गदर पार्टी के सक्रिय स्वतंत्रता सेनानी और विद्वान थे, परंतु उनका अधिकांश जीवन विदेशों में बीता। राजा भोज की तुलना में बरकतउल्ला भोपाली का भोपाल के विकास और सांस्कृतिक उत्थान में कोई विशेष सीधा योगदान नजर नहीं आता।

    वहीं, प्रतापी राजा भोज ने धार में भोजशाला (सरस्वती मंदिर) की स्थापना की थी, जो उस दौर का महान विश्वविद्यालय था। राजा भोज ने स्थापत्य, नगर नियोजन और यांत्रिक कला पर समरांगण सूत्रधार सहित 80 ग्रंथों की रचना की। भोपाल का बड़ा तालाब और भोजपुर मंदिर उनकी दूरदर्शिता के प्रमाण हैं।

    कौन थे मौलाना बरकतउल्ला

    सात जुलाई 1854 को भोपाल के इतवारा में जन्मे मौलाना बरकतउल्ला भोपाली स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांतिकारी धारा के सेनानी थे। कई भाषाओं के विद्वान मोलाना ब्रिटिश शासन के कट्टर विरोधी थे और जापान, अमेरिका, जर्मनी तथा अफगानिस्तान में रहकर भारत की आजादी के लिए समर्थन जुटाते रहे।

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    1915 में अफगानिस्तान के काबुल में स्थापित भारत की पहली निर्वासित सरकार में वे प्रधानमंत्री बनाए गए थे, जबकि राजा महेंद्र प्रताप उसके अध्यक्ष थे। यह ब्रिटिश शासन को चुनौती देने का एक ऐतिहासिक प्रयास था। उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए 1970 में स्थापित भोपाल विश्चविद्यालय का नाम 1988 में उनके नाम से जोड़ दिया गया।

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    कार्यपरिषद की बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से विश्वविद्यालय का नाम बदलने की अनुशंसा का प्रस्ताव पारित कर अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया है। नाम बदलने का निर्णय सरकार लेगी।
    - समर बहादुर सिंह, कुलसचिव, बीयू