तीन घंटे का रीक्रिएशन, तीखे सवाल और क्रॉस-वेरिफिकेशन... त्विषा केस में रहस्य की परतें खोलने में जुटी CBI
सीबीआई ने मॉडल त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल स्थित ससुराल में क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इस दौरान त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरि ...और पढ़ें

सीबीआई ने घटनास्थल पर 80 किलो की डमी के साथ किया क्राइम सीन रीक्रिएशन, इस दौरान आरोपित सास व पति भी मौजूद रहे।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मॉडल व अभिनेत्री त्विषा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बहुचर्चित मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सोमवार को क्राइम सीन रीक्रिएट कराया। सच की तलाश में सीबीआई का यह घटना वाले घर (त्विषा की ससुराल) में डमी टेस्ट था। इसमें त्विषा की लंबाई पांच फीट सात इंच और अनुमानित वजन 80 किलोग्राम वाले एक पुतले को फंदे पर लटकाया गया। उसके बाद आरोपित त्विषा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह से लंबी पूछताछ की।
सीबीआई की टीम गिरिबाला और समर्थ को लेकर दोपहर 12 बजे कटारा हिल्स के बागमुगलिया स्थित उनके घर पहुंची। टीम अपने साथ त्विषा के शारीरिक माप के बराबर की एक डमी, वजन तौलने की मशीन और जिम में इस्तेमाल होने वाले वेट भी लेकर पहुंची थी।
परखी फंदे और कुंदे की क्षमता
जांच टीम सबसे पहले मकान के ऊपरी हिस्से में पहुंची, जहां आरोपितों ने त्विषा द्वारा फांसी लगाने का दावा किया है। सीबीआई ने डमी को उसी कुंदे और फंदे से लटकाया, जिसका जिक्र आरोपितों ने किया था। सीबीआई में लंबे समय तैनात रहे एक अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह जांचना रहता है कि क्या वह कुंदा इतना भारी वजन सहने में सक्षम था और क्या उस लिगेचर से वास्तव में फंदा बनाया जा सकता है।
इसके अलावा, फांसी लगाने पर गले पर आने वाले 'यू' आकार के निशानों की सत्यता जांचने के लिए पुतले के गले पर एक विशेष रासायनिक पदार्थ भी लगाया जाता है, जिससे कई बातें स्पष्ट हो जाती हैं। बता दें कि त्विषा का शव 12 मई को उसकी ससुराल में पाया गया था। ससुरालियों ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया है।
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दोनों आरोपितों से किए गए तीखे सवाल
घटनास्थल पर पुतला लटकाने के बाद सीबीआई के अधिकारियों ने सबसे पहले समर्थ को बुलाया और उस दिन के घटनाक्रम की क्रमवार जानकारी ली। समर्थ ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बताया कि वह ऊपर आया तो त्विषा को फंदे पर लटका देखा। इसके बाद उसे उतारा। सीबीआई ने समर्थ से डमी को उसी तरह से उतरवाया, जैसे उसने त्विषा को उतारने का दावा किया था।
काफी देर तक समर्थ से घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेने के बाद उसे नीचे दूसरे कमरे में भेजा गया, उसके बाद गिरिबाला को बुलाया और उनसे भी पूरा घटनाक्रम जाना गया। अधिकारियों ने समर्थ और गिरिबाला से घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना न देने और सीसीटीवी तकनीशियन को बुलाने के कारणों पर सवाल किए।
आमने-सामने बिठाकर कराया क्रॉस-वेरिफिकेशन
गिरिबाला और समर्थ के कथन में विरोधाभास होने के कारण सीबीआई के अधिकारियों ने दोनों को आमने-सामने बैठाकर क्रॉस-वेरिफिकेशन भी किया। बाद में समर्थ को बाहर कार में बिठाए रखा और घर के अंदर गिरिबाला से पूछताछ की गई। करीब तीन घंटे तक परीक्षण और पूछताछ के बाद सीबीआई टीम दोनों आरोपितों को वापस ले गई।