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    नईम व फराज के बीच 225 से ज्यादा कट्टरपंथी किताबों का आदान-प्रदान, पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे दोनों; ATS जांच में बड़ा खुलासा

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 06:50 PM (IST)

    मध्य प्रदेश एटीएस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि नईम अब्दुल्ला और मोहम्मद फराज के बीच 225 से अधिक कट्टरपंथी किताबों का आदान-प्रदान हुआ था। दोनों आर ...और पढ़ें

    देशविरोधी गतिविधियों के आरोपित को एटीएस ने पकड़ा (प्रतीकात्मक चित्र)

    देशविरोधी गतिविधियों के आरोपित को एटीएस ने पकड़ा (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. डिजिटल जांच में मिले उग्र जेहादी साहित्य के साक्ष्य।

    2. कई मोबाइल नंबरों और संदिग्ध नेटवर्क की भी पड़ताल जारी।

    3. दोनों आरोपित एक पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में थे।

    राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला और भोपाल के मोहम्मद फराज के बीच 225 से अधिक किताबों और डिजिटल दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ था। इनमें बड़ी संख्या में पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध कथित कट्टरपंथी और उग्र जेहादी विचारधारा से जुड़ी सामग्री शामिल है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नईम धार्मिक और वैचारिक साहित्य का नियमित अध्ययन करता था और कथित तौर पर फराज को भी इसी तरह की सामग्री उपलब्ध कराकर उसे प्रभावित करने का प्रयास करता था। एटीएस के अनुसार, वर्ष 2025 में नईम भोपाल आकर कुछ समय फराज के यहां भी रुका था।

    पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में होने का दावा

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों आरोपित कथित तौर पर एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे। पूछताछ और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपितों को विदेशी हैंडलर की ओर से कट्टरपंथी साहित्य और अन्य लिखित सामग्री भी भेजी जाती थी।

    चार आरोपित गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में

    एटीएस ने जून में इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला, भोपाल का मोहम्मद फराज, राजस्थान के अलवर निवासी शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी निवासी इजहार उल हक शामिल हैं। फिलहाल चारों न्यायिक हिरासत में हैं।

    खबरें और भी

    जांच में यह भी सामने आया है कि शाकिर मेव करीब छह वर्ष पहले देवबंद में धार्मिक शिक्षा के दौरान नईम के संपर्क में आया था, जिसके बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा।

    कई मोबाइल नंबरों की जांच में जुटी एजेंसी

    एटीएस की डिजिटल फोरेंसिक जांच में नईम के 10 से अधिक मोबाइल नंबर सामने आए हैं, जबकि फराज और इजहार उल हक के पास भी पांच से छह अलग-अलग नंबर होने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि संदिग्ध गतिविधियों को छिपाने और निगरानी से बचने के लिए आरोपित समय-समय पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे।

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    प्रतिबंधित संगठनों से भी जुड़े मिले तार

    जांच में यह भी सामने आया है कि मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह के कथित संबंध प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े कुछ सदस्यों के साथ पाए गए हैं। एटीएस अब डिजिटल साक्ष्यों, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन समेत पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।