तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव: बीई-बीटेक, एमबीए में अब साल में दो बार दाखिले, AICTE ने जारी किए नए नियम
प्रदेश में अब बीई-बीटेक, एमबीए सहित प्रमुख तकनीकी पाठ्यक्रमों में साल में दो बार प्रवेश होंगे। एआईसीटीई के नए दिशानिर्देशों के तहत जुलाई और जनवरी सत्र ...और पढ़ें

तकनीकी शिक्षा की दाखिला प्रक्रिया बदली (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश में तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। अब अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नए दिशा-निर्देशों के तहत बीई-बीटेक, बीबीए, एमबीए और बी प्लानिंग जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों में साल में दो बार प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग (डीटीई) को विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई हैं।
जुलाई व जनवरी में होंगे प्रवेश
नई व्यवस्था के अनुसार, एआईसीटीई से संबद्ध 18 पाठ्यक्रमों में जुलाई और जनवरी—दोनों सत्रों में अलग-अलग काउंसलिंग होगी। जुलाई सत्र में 100 प्रतिशत सीटों के लिए केंद्रीयकृत काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जबकि बची हुई सीटों को जनवरी सत्र में भरा जाएगा।
लेट एडमिशन का झंझट खत्म
इस बदलाव का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध और सुव्यवस्थित बनाना है। अब तक एडमिशन प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर तक खिंचती थी, जिससे पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित होती थीं। नई व्यवस्था से सत्र समय पर शुरू हो सकेगा और संस्थानों का शैक्षणिक कैलेंडर बेहतर तरीके से संचालित होगा।
प्लेसमेंट प्रक्रिया पर भी पड़ेगा असर
प्रदेश के 11 विश्वविद्यालयों में संचालित इन पाठ्यक्रमों के लिए यह निर्णय खासा अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ सीटें पूरी भरने में मदद मिलेगी, बल्कि प्लेसमेंट प्रक्रिया पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। कंपनियां अब दोनों सत्रों के हिसाब से अपनी भर्ती योजना तैयार कर सकेंगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- MP में RTE के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का एक और मौका, 4 मई से शुरू होगा दूसरा चरण
पढ़ाई का बदलेगा क्रम
जनवरी सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए पढ़ाई का क्रम थोड़ा अलग रहेगा। वे सीधे दूसरे सेमेस्टर से शुरुआत करेंगे और बाद में पहले, तीसरे, चौथे, पांचवें, छठे, सातवें और आठवें सेमेस्टर को विशेष क्रम में पूरा करेंगे, ताकि दोनों सत्रों के छात्र एक समान स्तर पर आ सकें।
पोर्टल पर देनी होगी अपडेट जानकारी
साथ ही, नए सत्र के लिए सभी तकनीकी संस्थानों को डीटीई पोर्टल पर 15 जून तक संबद्धता, प्रवेश क्षमता, फीस और पाठ्यक्रम निरंतरता से जुड़ी जानकारी अपलोड करनी होगी। निजी कॉलेजों को भी इसी समयसीमा के भीतर आवेदन और काउंसलिंग में भागीदारी की सहमति देना अनिवार्य किया गया है।