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    MP में संविदा कर्मचारियों को सीधी भर्ती में 50% आरक्षण, विभागों ने संशोधित किए नियम

    Updated: Sun, 03 May 2026 05:52 PM (IST)

    संविदा कर्मचारियों को सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सेवा भर्ती निय ...और पढ़ें

    संविदा कर्मियों को बड़ी राहत। (प्रतीकात्मक चित्र)

    संविदा कर्मियों को बड़ी राहत। (प्रतीकात्मक चित्र)

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    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक संविदा कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर नियुक्ति में 50 प्रतिशत कोटा देने की मांग धीरे-धीरे ही सही, मगर पूरी होने जा रही है। इसके लिए सभी विभागों के सेवा भर्ती नियम में संशोधन करके यह प्रविधान किया जा रहा है कि सीधी भर्ती के रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत संविदा कर्मियों से भरे जाएंगे। यह प्रविधान संविदा नीति में तो पहले ही कर दिया गया था लेकिन विभागों ने भर्ती नियमों में संशोधन नहीं ने नियम संशोधित कर लागू किए गए हैं।

    चुनाव बाद ठंडे बस्ते में था मामला

    संविदा नीति में संशोधन 2023 में किया गया। इसमें ही यह प्रावधान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किया गया था कि रिक्त होने वाले नियमित पदों के विरुद्ध पात्रता रखने वाले संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत कोटा दिया जाएगा। चुनाव के बाद इस नियम को लागू करने में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई।

    मुख्यमंत्री मोहन ने की थी घोषणा

    इसके कारण मामला टलता गया और कर्मचारियों में रोष बढ़ता गया। घोषणाओं को पूरा कराने के लिए संविदा कर्मचारियों का भोपाल में महासम्मेलन में बुलाया गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि सभी प्रावधानों को लागू कराया जाएगा। यदि किसी प्रावधान को लेकर समस्या है तो संगठन के पदाधिकारी, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी बैठकर उसका रास्ता निकालेंगे।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने की पहल

    इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों से संविदा नियम के क्रियान्वयन का फीडबैक मांगा। इसमें पूछा गया कि किसने नियम लागू किए और किसने नहीं। जहां लागू नहीं हुए उसके कारण क्या रहे। विभागों को स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि सरकार ने जब निर्णय ले लिया है तो फिर सेवा भर्ती नियम में संशोधन किए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसमें पहल की और नियम संशोधित कर अधिसूचित कर दिए।

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    विभाग ने सुधारी गलती

    मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि 2018 की संविदा नीति में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था जिसे स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती में नहीं दिया। कई मामले न्यायालय पहुंचे। इसमें विभागीय अधिकारी यह जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने पर आरक्षित कर लाभ क्यों नहीं दिया। अब विभाग ने गलती सुधारी है। यह प्रावधान किया गया है कि जिन संविदा कर्मचारियों ने पांच साल निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित भर्ती के समय लाभ मिलेगा।