वर्दी में REEL बनाना पड़ा भारी... 1.88 करोड़ फालोअर्स वाले MP के पुलिसकर्मी पर गिरी निलंबन की गाज, दिया इस्तीफा
प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को वर्दी में वीडियो बनाने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में निलंबित किया गया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। ...और पढ़ें

शहडोल जिले में ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी। (सौजन्य- इंटरनेट मीडिया)
HighLights
प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी वर्दी में वीडियो बनाने पर निलंबित।
ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और व्यावसायिक उपयोग का आरोप।
1.88 करोड़ फॉलोअर्स वाले पुलिसकर्मी ने दिया इस्तीफा।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। वर्दी में बनाए गए वीडियो के चलते इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता तो मिली, लेकिन सरकारी सेवा के नियम आड़े आ गए। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की यातायात पुलिस में कार्यरत प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और उसी दौरान वर्दी में बनाए वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में निलंबित किया गया।
इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रिय
इसके बाद विवेकानंद ने भी पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है। जांच के बाद ही उनका भविष्य तय होगा। विवेकानंद के फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर 1.88 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं।
बोले- पहले से रिकॉर्ड वीडियो पत्नी ने अपलोड किए
निलंबन की कार्रवाई पर प्रधान आरक्षक विवेकानंद का कहना है कि सभी चैनल पत्नी के नाम हैं और विभाग को बैंक डिटेल सौंप दी है। उन्होंने कहा कि निलंबन रील से नहीं, बल्कि मेडिकल अवकाश की गलतफहमी से हुआ। मानसिक तनाव और अनिद्रा के कारण डॉक्टर ने उन्हें एक सप्ताह आराम की सलाह दी थी। इसकी सूचना वाट्सएप ग्रुप पर दे दी थी।
उन्होंने कहा कि अवकाश के दौरान जो वीडियो अपलोड हुए, वह पहले से रिकॉर्ड थे और पत्नी ने अपलोड किए थे। तिवारी ने कहा कि इंटरनेट मीडिया से हुई आय का उपयोग उन्होंने हेलमेट वितरण जैसे सामाजिक कार्यों में किया। लगातार मानसिक दबाव के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इंटरनेट मीडिया से उनके चैनल की प्रतिमाह आय लगभग छह से सात लाख रुपये बताई जा रही है। जबकि 2013 में आरक्षक पद पर भर्ती हुए तिवारी का वेतन 45 से 52 हजार रुपये प्रतिमाह है।
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विभाग ने दिए थे दो विकल्प
पुलिस विभाग ने निलंबन से पहले विवेकानंद को दो विकल्प दिए थे।
- पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीडिया सेल में रहकर शासकीय जनजागरूकता अभियान चलाना।
- राज्य पुलिस मुख्यालय के इंटरनेट मीडिया सेल में पदस्थापना।
हालांकि विवेकानंद ने इन्हें स्वीकार करने के स्थान पर इस्तीफा देना उचित समझा।
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इन चार आरोपों में निलंबन की कार्रवाई
सेवा नियमों का उल्लंघन : पुलिस मुख्यालय का निर्देश है कि वर्दी की गरिमा रखते हुए कर्मचारियों द्वारा निजी कंटेंट न बनाए जाएं।
बिना सूचना के अनुपस्थिति : जिस समय वह अनुपस्थित थे, उसी समय उनके अकाउंट से वर्दी वाले वीडियो अपलोड हुए।
व्यावसायिक उद्देश्य से वीडियो शूटिंग : उन्होंने निजी वीडियोग्राफर की मदद ली और कंटेंट का व्यावसायिक उपयोग किया।
आर्थिक लाभ : इंटरनेट मीडिया से उनकी अनुमानित मासिक आय छह से सात लाख और वार्षिक आठ करोड़ बताई गई है।