MP में अब ‘बताकर’ नहीं होगी गिरफ्तारी, ‘लिखकर’ देना होगा आधार; PHQ ने जारी किए आदेश
मप्र में अब पुलिस को किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय लिखित में ठोस कारण बताना अनिवार्य होगा। पुलिस मुख्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद य ...और पढ़ें

पुलिस मनमाने ढंग से नहीं कर सकेगी गिरफ्तारी (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में अब पुलिस किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय सिर्फ मौखिक सूचना देकर नहीं बच सकेगी। गिरफ्तारी का ठोस कारण लिखित रूप में बताना अनिवार्य कर दिया गया है, और यह जानकारी ऐसी भाषा में देनी होगी, जिसे आरोपित व्यक्ति आसानी से समझ सके।
पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी
पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा ने इस संबंध में भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के पालन में दिए गए हैं, जिसने गिरफ्तारी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
दरअसल, देश की सर्वोच्च अदालत ने 6 नवंबर 2025 को ‘महाराष्ट्र राज्य बनाम अन्य’ मामले में स्पष्ट किया था कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत किसी भी व्यक्ति को अपनी गिरफ्तारी के कारण जानना मौलिक अधिकार है। उसी आदेश के परिप्रेक्ष्य में किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
दो घंटे पहले बताना होगा कारण
नई गाइडलाइन के मुताबिक, पुलिस को आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले लिखित में गिरफ्तारी का कारण बताना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो संबंधित गिरफ्तारी को अवैध माना जा सकता है।
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इस फैसले से न केवल पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।