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    MP के गांवों में भी शहर जैसी एप आधारित सफाई व्यवस्था, ‘WoW’ से चमकेंगे पंचायतों के शौचालय

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 01:56 PM (IST)

    मध्य प्रदेश की ग्रामीण पंचायतों में अब शहरों जैसी मोबाइल ऐप आधारित 'वॉश ऑन व्हील (WoW)' सफाई सेवा शुरू हुई है। यह नवाचार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभा ...और पढ़ें

    पंचायतों में साफ-सफाई व्यवस्था के लिए वाश आन व्हील (WoW) सेवा शुरू।

    पंचायतों में साफ-सफाई व्यवस्था के लिए वाश आन व्हील (WoW) सेवा शुरू।

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की ग्रामीण पंचायतों में अब साफ-सफाई को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शहरों की तर्ज पर गांवों में भी मोबाइल ऐप आधारित सफाई सेवा ‘वॉश ऑन व्हील (WoW)’ शुरू कर दी गई है। इस नवाचार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने लागू किया है, जिसकी शुरुआत भोपाल और छिंदवाड़ा की ग्राम पंचायतों से हो चुकी है। जल्द ही यह सेवा प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध होगी। इसके लिए सभी 55 जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बने व्यक्तिगत, संस्थागत और सामुदायिक शौचालयों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित करना है। खास बात यह है कि अब कोई भी नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से शौचालय सफाई की मांग कर सकेगा।
    घरेलू शौचालय की सफाई के लिए 50 रुपये और संस्थागत शौचालय के लिए 200 रुपये शुल्क तय किया गया है।

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    प्रदेश में गांवों को 19 क्लस्टर में बांटकर मैप किया गया है। इसके तहत 16 स्वच्छता साथियों को चिह्नित किया गया है, जो समय पर सफाई सेवा उपलब्ध कराएंगे।

    इन संस्थानों के शौचालय होंगे शामिल

    ग्रामीण क्षेत्रों के संस्थागत और सामुदायिक शौचालयों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मैरिज गार्डन, स्कूल, आंगनबाड़ी, सामुदायिक केंद्र, पंचायत भवन, पेट्रोल पंप, टोल टैक्स प्लाजा, एनएचएआई और अन्य शासकीय शौचालय भी इस सेवा के दायरे में आएंगे।

    एक नजर में ‘वॉश ऑन व्हील’

    • 27,132 गांव प्रदेशभर में मैप
    • 1,301 क्लस्टर किए गए तैयार
    • 1,300 स्वच्छता साथी चिन्हित
    • 1,185 स्वच्छता साथी काम पर तैनात

    यह पहल स्वच्छ भारत मिशन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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    वॉश ऑन व्हील सेवा से पंचायतों में घरेलू और संस्थागत शौचालयों की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी, साथ ही इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मोबाइल ऐप के जरिए निर्धारित शुल्क जमा कर लोग सीधे सफाई कर्मचारी बुला सकेंगे।
    -दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव, मप्र पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग