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    MP के स्कूलों में अब AI की एंट्री: 8वीं से 12वीं तक पढ़ाया जाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल, CM मोहन का बड़ा फैसला

    Updated: Thu, 21 May 2026 11:20 PM (IST)

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के स्कूलों में 8वीं से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कौशल शिक्षा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

    सीएम डॉ. मोहन यादव।

    सीएम डॉ. मोहन यादव।

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 8वीं से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कौशल शिक्षा शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने यह निर्देश गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    तकनीक और परंपरा दोनों पर फोकस

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निजी विद्यालयों की स्थापना के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और गुरु सांदीपनि के जीवन पर पुस्तक तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

    उन्होंने कहा कि 16 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले समाप्त करने और प्रदेश की आंशिक रूप से जर्जर स्कूल इमारतों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए। सभी स्कूलों में बाउंड्रीवाल निर्माण पर भी जोर दिया गया।

    ‘शिक्षा घर योजना’ को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने "शिक्षा घर योजना" को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इस योजना का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। योजना के तहत ऐसे विद्यार्थियों को हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा पास करने का अवसर दिया जाएगा। इसका संचालन मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड करेगा।

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    बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को मिलेगा सम्मान

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उन स्कूलों को भी सम्मानित करने की बात कही, जहां परीक्षा परिणाम 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 26 ऐसे स्कूल हैं जहां शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया है और ऐसे संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

    स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण और करियर ट्रैकिंग पर जोर

    मुख्यमंत्री ने शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू करने तथा स्व-सहायता समूहों को भी इससे जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों से पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों की आगे की शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, कौशल प्रशिक्षण या अन्य गतिविधियों की ट्रैकिंग की जाए।

    इसके अलावा ऐसे हाई स्कूलों की पहचान कर उन्हें हायर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, जहां आसपास उच्च माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं।

    नई पहल को राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को तकनीक, कौशल और रोजगारोन्मुखी दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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