SIR in MP: तार्किक त्रुटि बताकर गणना पत्रक भरने वालों को भी दिए जा रहे नोटिस, प्रदेश में करीब 35 लाख मतदाता इसी श्रेणी में
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण जारी है। लाखों मतदाताओं को गणना पत्रक में 'तार्किक त्रुटियों' या अधूरी जानकारी क ...और पढ़ें

मप्र में मतदाता सूची के शुद्धीकरण का काम जारी है। (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण जारी है।
लाखों मतदाताओं को 'तार्किक त्रुटि' के नोटिस मिले।
कांग्रेस ने प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण चल रहा है। नाम जोड़ने-हटाने के लिए दावा-आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं, जिनका निराकरण करके 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
प्रदेश के साढ़े आठ लाख ऐसे मदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस दिए गए हैं, जिन्होंने गणना पत्रक बिना किसी जानकारी के दे दिए। वहीं, जिन्होंने 2003 की एसआईआर सूची के हिसाब से गणना पत्रक जमा किए, उन्हें भी नोटिस देकर बुलाया जा रहा है।
गड़बड़ियों के आरोप
कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। कहा कि बीएलओ के स्थान पर भाजपा कार्यकर्ता स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची में फिर से जोड़ने के लिए फार्म जमा कर रहे हैं। गणना पत्रक पूरा भरकर जमा करने वालों को भी नोटिस दिए जा रहे हैं।
एसआईआर में 42 लाख से अधिक मतदाता मृत, अनुस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले हैं। इनके नाम सूची से हटाकर प्रारूप प्रकाशन किया गया। साथ ही लगभग साढ़े आठ लाख मतदाता ऐसे थे, जिन्होंने ठीक से गणना पत्रक नहीं भरा। इन्हें अनमैप्ड की श्रेणी में रखकर नोटिस दिए गए।
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साथ ही एक श्रेणी तार्किक त्रुटि बनाई गई है। इसमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने गणना पत्रक में स्वयं या पिता का नाम, आयु सहित अन्य जानकारियां त्रुटिपूर्ण भरी हैं।
इंदौर जिले में करीब 5.70 लाख मतदाता तार्किक त्रुटि श्रेणी में सामने आए हैं, जिनके रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप तो हो गए हैं, लेकिन विवरणों में विसंगतियों के कारण वे संदेह के घेरे में हैं। यह संख्या उन 1.33 लाख मतदाताओं से अलग है, जिनकी वर्ष 2003 से मैपिंग नहीं हुई।
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त्रुटियां चिह्नित
दरअसल, निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर द्वारा रिकॉर्ड मिलान के दौरान पांच प्रकार की तार्किक त्रुटियां चिह्नित की हैं। सर्वाधिक संख्या उन मतदाताओं की है, जिनके पिता का नाम 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा। नाम की स्पेलिंग में गलती, नाम का अधूरा, सरनेम में बदलाव और जन्मतिथि में अंतर जैसी त्रुटियां हैं।
इन मतदाताओं को आयोग ने संदेह के घेरे में रखा है। भोपाल में ऐसे मतदाताओं की संख्या तीन लाख के आसपास है, जिन्हें नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया है।
सॉफ्टवेयर पकड़ रहा गणना पत्रक की गलतियां
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन का कहना है कि गणना पत्रकों में गलतियां सॉफ्टवेयर पकड़ रहा है। इसमें किसी का हस्तक्षेप नहीं है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के चुनाव कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया का कहना है कि सही जानकारी दर्ज करने वालों को भी नोटिस मिल रहे हैं। पूरे प्रदेश से शिकायतें मिल रही हैं। प्रक्रिया में कई कमियां हैं, जिन्हें दूर करके एसआईआर प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी लेकिन जल्दबाजी में काम किया गया। लोग पहले मतदाता गणना पत्रक के लिए परेशान हुए, अब सुधार करवाने के लिए परेशान होंगे। अन्यथा उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा।