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    विदिशा में स्टॉप डैम पर स्कूली बच्चों की जोखिम भरी छलांग पर NHRC गंभीर, सरकार से दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:11 PM (IST)

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने विदिशा में बेतवा नदी के स्टॉप डैम पर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने वाले बच्चों के मामले में मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस ज ...और पढ़ें

    स्टॉप डैम को कूदकर पार करते स्कूली बच्चे (वीडियो ग्रैब)

    स्टॉप डैम को कूदकर पार करते स्कूली बच्चे (वीडियो ग्रैब)

    HighLights

    1. मप्र हाई कोर्ट भी इस मामले का ले चुका है संज्ञान।

    2. बेतवा नदी पर स्थायी पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    3. बच्चों के गांव के स्कूल को किया है उच्चीकृत।

    डिजिटल डेस्क, विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में बेतवा नदी के स्टॉप डैम के खंभों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चों का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    यह मामला पहले ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के संज्ञान में आ चुका है। हाई कोर्ट ने भी प्रशासन से निरीक्षण रिपोर्ट तलब करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

    शिक्षा और सुरक्षा दोनों के अधिकार से जुड़ा मामला

    एनएचआरसी ने अपने नोटिस में कहा कि केवल 15 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग बचाने के लिए बच्चों का जान जोखिम में डालकर नदी पार करना बेहद गंभीर विषय है। आयोग ने इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार और सुरक्षित जीवन के अधिकार से जुड़ा मामला बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 21-ए, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचाना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

    लंबी दूरी से बचने उठाना पड़ता था बड़ा जोखिम

    ककरुआ और आसपास के गांवों के छात्र-छात्राओं को हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए ग्राम पलोह स्थित शासकीय हाई स्कूल जाना पड़ता था। उनके गांव में हाई स्कूल नहीं होने के कारण सड़क मार्ग से करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता था।

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    इस दूरी से बचने के लिए बच्चे बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के खंभों पर छलांग लगाकर नदी पार करते थे, जिससे स्कूल की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर रह जाती थी। इस दौरान उनकी जान हर दिन खतरे में रहती थी।

    बच्चों के इस जोखिम भरे सफर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए तीन दिनों के भीतर बंधेरा में हाई स्कूल शुरू कर दिया, जिससे बच्चों को अब जोखिम उठाकर नदी पार नहीं करनी पड़ेगी।

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    स्थायी पुल बनाने की तैयारी

    विदिशा जिला प्रशासन ने अब पलोह और ककरुआ गांवों के बीच बेतवा नदी पर स्थायी पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) जल्द ही पुल निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगा।

    यह भी पढ़ें- 'स्कूल चलो' की जल्दी में जोखिम भरी उछाल: विदिशा में स्टाप डैम से उफनती नदी को पार कर पाठशाला जा रहे बच्चे

    कार्यपालन यंत्री ए.आर. मोरे के अनुसार, फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत स्टॉप डैम के खुले हिस्सों पर लोहे की जालियां बिछा दी गई हैं, ताकि बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो सके।

    लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस

    मामले को समय रहते प्रशासन तक नहीं पहुंचाने को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) तथा ग्राम पंचायत मुंडरा हरिसिंह के सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।