सूरत में छिपा था भोपाल का कुख्यात अपराधी, 'रहमान डकैत' बनकर फैलाता था खौफ, सात राज्यों की पुलिस को थी तलाश
भोपाल के कुख्यात अपराधी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी को सूरत में गिरफ्तार कर लिया गया है। सात राज्यों की पुलिस चार साल से उसकी तलाश कर रही थी। वह सूरत में ...और पढ़ें

सूरत पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।
HighLights
राजू ईरानी सूरत में 'रहमान डकैत' बनकर छिपा हुआ था।
सात राज्यों की पुलिस चार साल से उसकी तलाश कर रही थी।
वह ठगी, लूट के साथ फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल में माहिर था।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल के ईरानी डेरे का कुख्यात सरगना आबिद अली उर्फ राजू ईरानी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। सात राज्यों की पुलिस जिसे पिछले चार साल से तलाश रही थी, वह गुजरात के सूरत में खुद को ‘रहमान डकैत’ बताकर छिपा हुआ था। लोगों में खौफ जमाने के लिए वह इसी नाम का इस्तेमाल कर रहा था। शुक्रवार को सूरत के लालगेट इलाके में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे राजू को सूचना के आधार पर सूरत क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उसे भोपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया।
साढ़ू भाई के घर में छिपा था
राजू ईरानी बीते चार वर्षों से मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित सात से अधिक राज्यों में वांटेड था। पिछले महीने भोपाल के निशातपुरा क्षेत्र स्थित अमन कॉलोनी में ईरानी डेरे पर पुलिस दबिश के दौरान वह पत्थरबाजी की आड़ में फरार हो गया था। इसके बाद वह सूरत पहुंचकर अपने साढ़ू भाई के घर में छिप गया था।
अपराध जगत में दो दशक से सक्रिय
करीब दो दशक से सक्रिय राजू ईरानी ठगी और लूट की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है। वह खुद को कभी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी तो कभी पुलिस अफसर बताकर व्यापारियों को डराता और वारदातों को अंजाम देता था। हर गिरफ्तारी के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देना उसकी खासियत रही है। अब पुलिस उसकी पुरानी पहचान और अलग-अलग नामों से दर्ज अपराधों की भी गहन जांच कर रही है, ताकि उसके अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पूरा नेटवर्क उजागर हो सके।
बार-बार देता रहा चकमा
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2020 में भोपाल क्राइम ब्रांच ने उसे डकैती की योजना बनाते हुए पकड़ा था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से सक्रिय हो गया और भूमिगत रहकर अपने गिरोह के सदस्यों से ठगी और लूट की वारदातें कराता रहा। कई राज्यों की पुलिस उसे पकड़ने भोपाल तक पहुंची, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
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शातिर दिमाग अपराधी
राजू का गिरोह बेहद शातिर तरीके अपनाता था। कभी चेकिंग या हालिया लूट का डर दिखाकर व्यापारियों को झांसे में लेता, तो कभी बैंकों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में केमिकल का इस्तेमाल कर ध्यान भटकाता था। उसके साथी कभी ज्योतिषी तो कभी साधु का भेष धरकर घरों में घुसते और पूजा-पाठ के बहाने सोना साफ कर देते थे। हाईवे और सुनसान सड़कों पर नकली पुलिस बैरिकेड लगाकर लूट की वारदातें भी इसी गिरोह ने की हैं।
'धुरंधर' से प्रेरित
सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश रोजिया के अनुसार, राजू ईरानी यहां खुद को ‘रहमान डकैत’ बताकर इसलिए पेश कर रहा था, ताकि लोगों में डर बना रहे। हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म धुरंधर में दिखाए गए कुख्यात अपराधी के नाम और छवि का वह फायदा उठा रहा था।
फर्जी दस्तावेजों का सहारा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राजू फर्जी दस्तावेज बनाने में माहिर है और फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश यात्रा तक कर चुका है। यह पासपोर्ट कर्नाटक के गुलबर्गा निवासी गुलाम हसन उर्फ बड्डा शेरू ईरानी ने बनवाया था। संबंधित एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ी-दर-कड़ी जांच में जुटी हैं।