UPSC कोचिंग की संचालिका शुभ्रा रंजन को भोपाल में बंधक बनाकर दो करोड़ वसूले, पूर्व छात्र ने सेमिनार के बहाने बुलाकर की वारदात
दिल्ली की यूपीएससी कोचिंग संचालिका शुभ्रा रंजन को भोपाल में उनके पूर्व छात्र प्रियंक शर्मा ने बंधक बनाकर 2 करोड़ रुपये की उगाही की। सेमिनार के बहाने ब ...और पढ़ें

यूपीएससी मेंटोर शुभ्रा रंजन को पूर्व छात्र प्रियंक शर्मा ने बनाया बंधक।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। दिल्ली के करोल बाग में कोचिंग संचालिका और यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली जानी-मानी मेंटर शुभ्रा रंजन और उनकी टीम को भोपाल के एमपी नगर में बंधक बनाकर दो करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए। वारदात को अंजाम देने वाला उनका पूर्व छात्र और उनकी कोचिंग का फ्रेंचाइजी संचालक प्रियंक शर्मा है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो आरोपित फरार हैं।
पूर्व छात्र ने शुरू की थी फ्रेंचाइजी
शुभ्रा रंजन दिल्ली के करोल बाग स्थित अपनी प्रतिष्ठित संस्था 'शुभ्रा रंजन आईएएस स्टडी' का संचालन करती हैं। वह राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपित प्रियंक शर्मा ने उनकी दिल्ली स्थित कोचिंग सेंटर में तैयारी की, लेकिन यूपीएससी में चयन नहीं हो सका। बाद में प्रियंक ने भोपाल के एमपी नगर जोन-2 में शुभ्रा के कोचिंग की फ्रेंचाइजी शुरू की।
सेमिनार के बहाने दिल्ली से बुलाया
हाल ही में प्रियंक ने शुभ्रा रंजन को सेमिनार में मुख्य वक्ता के तौर पर भोपाल आमंत्रित किया। गुरुवार को वह अपने पति विराज देशमुख और टीम के साथ भोपाल पहुंचीं, तो उन्हें ताज होटल में ठहराया गया। प्रियंक वहां से उन्हें अयोध्या बाइपास स्थित किराये के एक घर में ले गया। वे लोग बातचीत कर रहे थे, इसी बीच करीब छह हथियारबंद लोग वहां पहुंचे।
कनपटी पर बंदूक रख ऐंठी रकम
उन लोगों ने प्रियंक और उसके साथी से मारपीट का नाटक कर 10 करोड़ रुपये मांगे। इन्कार करने पर उन लोगों ने शुभ्रा की कनपटी पर पिस्तौल लगाकर उनके पति को कंपनी के खाते से करीब दो करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में डालने पर विवश किया। आरोपित के कब्जे से छूटने के बाद शुभ्रा और उनकी टीम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया।
खबरें और भी
जिस घर में बंधक बनाया, वहां हो रहा था मानस पाठ
प्रियंक ने रुपये ऐंठने की योजना पर बड़ी तैयारी की थी। किराये के जिस मकान के कमरे में शुभ्रा को ले जाया गया था, वहां मानस पाठ हो रहा था। यह इसलिए ताकि वारदात के दौरान उठा शोर दब जाए।
अस्पताल में छिपने की कोशिश नाकाम
क्राइम ब्रांच की टीम गुरुवार देर रात जब आरोपित प्रियंक के घर पहुंची, तो पता चला कि वह एम्स भोपाल में भर्ती है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंची, जहां आरोपित ने सीने में दर्द का हवाला दिया। पुलिस ने उसकी चालाकी भांप ली और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। शुक्रवार को कोर्ट ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।