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    विदिशा में स्कूली बच्चों को अब नहीं लगानी पड़ेगी जोखिम भरी छलांग, डैम का रास्ता बंद; इसी पार लगेगा स्कूल

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 11:02 PM (GMT+05:30)

    केंद्रीय मंत्री शिवराज के संसदीय क्षेत्र विदिशा के मामले की तस्वीर पर जागा प्रशासन। मामले का मप्र उच्च न्यायालय ने भी संज्ञान लिया, जायजा लेने पहुंचे ...और पढ़ें

    बच्चे इस तरह छलांग लगाकर स्टॉप डैम पार कर स्कूल जाते थे। (वीडियो ग्रैब)

    बच्चे इस तरह छलांग लगाकर स्टॉप डैम पार कर स्कूल जाते थे। (वीडियो ग्रैब)

    HighLights

    1. विदिशा में स्कूली बच्चों के लिए जोखिम भरा डैम मार्ग बंद।

    2. बेतवा नदी पर बच्चों की सुरक्षा हेतु रास्ता बंद किया गया।

    3. बंधेरा मिडिल स्कूल अब हाई स्कूल बना, कक्षाएं शुरू।

    डिजिटल डेस्क, विदिशा। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मध्य प्रदेश में विदिशा संसदीय क्षेत्र में बेतवा नदी के स्टाप डैम के खुले दरवाजों के ऊपर से छलांग लगाकर स्कूल जा रहे बच्चों के जोखिम की तस्वीर सामने आई तो प्रशासन की नींद खुली। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने बंधेरा ग्राम पंचायत पहुंचकर यहां ककरुआ गांव की ओर से कंटीली झाड़ियां बिछाकर डैम के रपटे वाला यह रास्ता ही बंद कर दिया। बैरिकेड भी किया गया है।

    स्कूल का उन्नयन, कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

    मंगलवार को सरकार ने बंधेरा में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय को हाईस्कूल में उन्नयन करने का आदेश जारी कर दिया। बुधवार से यहां नौवीं-10वीं की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। वहीं, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस समस्या पर रिपोर्ट तलब की है। न्यायाधीशों की एक टीम मंगलवार को स्टाप डैम पहुंची। वहां रास्ता देखा, ग्रामीणों से बात की। टीम अब अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे सुरक्षित आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश जारी हो सकते हैं।

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    लंबी दूरी से बचने जोखिम भरी छलांग

    दरअसल, ककरुआ और इमलिया गांवों निवासी कक्षा नौवीं और 10वीं के कुछ विद्यार्थी रोज स्टाप डैम वाले रास्ते से होकर पलोह गांव में स्थित हाईस्कूल तक पहुंचते थे। इस रास्ते का उपयोग केवल बच्चे ही नहीं, आसपास के ग्रामीण भी वर्षों से करते आ रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि सड़क मार्ग से पलोह गांव तक जाने के लिए कम से कम पांच किलोमीटर की दूरी है, जबकि स्टाप डैम पार करने पर यह दूरी महज एक से डेढ़ किलोमीटर ही रह जाती है।

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    यही कारण था कि बच्चे शॉर्ट कट रास्ते के लिए डैम के खुले दरवाजों के ऊपर से छलांग लगाकर स्कूल आना-आना किया करते। यह जोखिम भरा था। यदि वह गिर जाते तो हादसा होने का खतरा बना रहता था।

    हाई स्कूल से आसपास के गांवों को भी फायदा

    ग्रामीण बताते है कि कुछ साल पहले ग्राम पंचायत ने इस क्षेत्र में हाई स्कूल खोलने का प्रस्ताव भी भेजा था, लेकिन बच्चों की संख्या कम होने से इस क्षेत्र में हाई स्कूल नहीं खुला। अब जब अखबारों में यह तस्वीर छपी तो अधिकारी गांव पहुंचने लगे। पंचायत के रोजगार सहायक विष्णु शर्मा कहते है कि बंधेरा में हाई स्कूल खुलने से सात गांवों को फायदा होगा।

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    लोक शिक्षण संचालनालय ने ग्राम बंधेरा में स्थित मिडिल स्कूल का हाई स्कूल में उन्नयन कर दिया है। यह आदेश प्राप्त होते ही दो शिक्षकों को भी यहां नियुक्त कर दिया है। बुधवार से बंधेरा में ही कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
    – एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा