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    भिंड हनी ट्रैप केस में बड़ा खुलासा: गिरफ्तार महिला तीन साल से HIV संक्रमित, कई लोगों के संपर्क में होने से मची खलबली

    Updated: Wed, 17 Jun 2026 07:31 PM (IST)

    भिंड में पकड़े गए हनीट्रैप गिरोह की एक सदस्य महिला तीन साल से एचआईवी संक्रमित निकली है, जिससे उसके संपर्क में आए लोगों में हड़कंप मच गया है। यह गिरोह ...और पढ़ें

    हनी ट्रैप गर्ल (प्रतीकात्मक चित्र)

    हनी ट्रैप गर्ल (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. भिंड हनीट्रैप गिरोह की महिला सदस्य एचआईवी संक्रमित मिली।

    2. गिरोह अमीर किसानों, व्यापारियों को ब्लैकमेल कर लाखों वसूलता था।

    3. पुलिस संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य जांच करा रही है।

    डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। भिंड में बीते दिनों पकड़े गए हनी ट्रैप और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के चार सदस्यों में से एक महिला के एचआईवी पॉजीटिव होने की जानकारी से क्षेत्र में खलबली मची हुई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे रूटीन मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। यहां सामने आया कि महिला तीन साल से एचआईवी संक्रमण का इलाज इसी अस्पताल में करवा रही है। इस दौरान वह इस गिरोह में शामिल होकर कई लोगों के शारीरिक संपर्क में भी आई। यह जानकारी मिलते ही क्षेत्र में खलबली मची हुई है।

    मोबाइल से मिले अहम सुराग

    पुलिस को उसके मोबाइल फोन में कुछ लोगों के साथ अंतरंग फोटो व वीडियो भी मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों से संपर्क भी किया है। अधिकतर लोग एचआईवी जांच कराने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।

    अमीर किसानों और व्यापारियों को बनाते थे निशाना

    बता दें, यह हनीट्रैप गिरोह आर्थिक रूप से संपन्न वृद्ध पुरुषों, किसानों और व्यापारियों को निशाना बनाता था। पहले महिलाओं के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया जाता, फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें बहुप्रसारित करने या दुष्कर्म के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली की जाती थी।

    यह भी सामने आया है कि शिकार बनाए गए लोगों को भरोसा दिलाने के लिए 100 रुपये के स्टांप पेपर पर समझौतेनुमा दस्तावेज तैयार कराए जाते थे, जिनमें संबंधों को आपसी सहमति से बना बताया जाता था। भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत नहीं करने का उल्लेख किया जाता था। इन पर गवाहों के हस्ताक्षर भी कराए जाते थे।

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    यह है पूरा मामला

    पुलिस के अनुसार ग्राम रछेड़ी निवासी एक पीड़ित ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 23 मई को उन्हें एक महिला मिली, जिसने पैर में दर्द होने की बात कहकर घर छोड़ने का अनुरोध किया। वह उसे उसके घर छोड़ने गए। आरोप है कि महिला ने वहां जबरन चाय पिलाई और शारीरिक संबंध बनाए। इसका वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देकर सात लाख रुपये की मांग की।

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    पीड़ित ने तत्काल पांच हजार रुपये दे दिए। बाद में खेत बेचकर बाकी रकम देने का दबाव बनाया जाने लगा। गिरोह में शामिल दूसरी महिला व कुछ लोग उसके गांव पहुंचे और रुपये नहीं देने पर वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित करने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने 28 मई को गिरोह में शामिल दो महिलाओं व दो पुरुषों का पकड़ा था।

    गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही एचआइवी संक्रमित महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
    - शिव प्रताप सिंह राजावत, टीआई, देहात थाना भिंड