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    भोपाल-ग्वालियर के बीच बनेगा हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 100 किमी घटेगी दूरी; DPR के लिए टेंडर जारी

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 04:42 PM (IST)

    भोपाल और ग्वालियर के बीच 320 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह परियोजना दोनों शहरों के ...और पढ़ें

    हाई-स्पीड रोड कॉरिडोर (प्रतीकात्मक चित्र)

    हाई-स्पीड रोड कॉरिडोर (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. भोपाल-ग्वालियर के बीच 320 किमी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनेगा।

    2. दूरी 100 किमी घटेगी, यात्रा का समय भी कम होगा।

    3. एमपीआरडीसी ने डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी किया।

    डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सड़क संपर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल और ग्वालियर के बीच करीब 320 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने पर दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी काफी घटेगा।

    डीपीआर तैयार करने के लिए 6.23 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक सर्वे कराया जाएगा। चयनित एजेंसी तीन संभावित अलाइनमेंट का अध्ययन कर सबसे उपयुक्त मार्ग का चयन करेगी। फिलहाल यह तय नहीं है कि नया फोरलेन किन शहरों और गांवों से होकर गुजरेगा। अंतिम रूट भू-आकृति, यातायात, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय प्रभाव और निर्माण लागत जैसे तकनीकी मानकों के आधार पर तय किया जाएगा।

    नए मार्ग पर बनेगा पूरी तरह नियंत्रित कॉरिडोर

    प्रस्तावित सड़क को ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका अर्थ है कि यह पूरी तरह नए मार्ग पर निर्मित होगी और वाहन केवल निर्धारित इंटरचेंजों के माध्यम से ही प्रवेश और निकास कर सकेंगे। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और निर्बाध होगी।

    डीपीआर के दौरान जीआईएस आधारित सर्वे के जरिए तीन संभावित रूटों का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर अंतिम अलाइनमेंट को मंजूरी दी जाएगी। एमपीआरडीसी ने डीपीआर तैयार करने के लिए 12 महीने की समय-सीमा तय की है।

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    पुल, बायपास और सर्विस रोड की भी बनेगी योजना

    कंसल्टेंट एजेंसी को सड़क की ज्यामितीय डिजाइन, पुल-पुलिया, इंटरचेंज, बायपास, सर्विस रोड, जल निकासी व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करना होगा, ताकि परियोजना का क्रियान्वयन बिना बाधा के किया जा सके।

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    साढ़े सात घंटे की यात्रा होगी आसान

    वर्तमान में भोपाल से ग्वालियर जाने के लिए शिवपुरी और गुना होकर लगभग 428 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें करीब साढ़े सात घंटे का समय लगता है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 320 किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रा न केवल तेज होगी, बल्कि ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।

    यह परियोजना मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों के बीच आधुनिक, सुरक्षित और हाई-स्पीड सड़क संपर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।