ग्वालियर में 21.05 करोड़ की क्रिप्टो महाठगी: 14 राज्यों के 20000 से ज्यादा खातों में पहुंची रकम, पहली बार 12 लेयर में ट्रांजेक्शन
ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। इस महाठगी में 14 राज्यों के 20,507 बैंक खातों ...और पढ़ें

साइबर ठगी (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
सीए अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपये की क्रिप्टो ठगी।
ठगी की रकम 12 लेयर में 20,507 खातों में पहुंची।
राज्य साइबर सेल ने 1.92 करोड़ रुपये फ्रीज किए।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर 21.05 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली गैंग विदेश से ऑपरेट हो रही है। इस बड़ी साइबर ठगी की पड़ताल में जुटी मध्य प्रदेश राज्य साइबर सेल की टीम की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसमें ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए 12 लेयर तक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
किसी साइबर ठगी में इतने लेयर में खातों के इस्तेमाल का यह पहला मामला है। 12 लेयर में राज्य साइबर सेल की टीम ने 20 हजार 507 बैंक खाते अब तक चिह्नित कर लिए हैं, जो 14 राज्यों के हैं।
इतने अधिक बैंक खातों की एक साथ पड़ताल के लिए नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की मदद से राज्य साइबर सेल की टीम 1.92 करोड़ रुपये फ्रीज कराने में कामयाब रही है। बाकी रुपया फ्रीज नहीं हो सका है, क्योंकि यह धन एक खाते से दूसरे फिर आगे और भी खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया है। रुपया यूएसडीटी के जरिये विदेश भी भेज दिया गया।
खाताधारकों को चिह्नित करने में जुटी साइबर सेल
अब इस मामले में राज्य साइबर सेल उन खाताधारकों को चिह्नित कर रही है, जिनके खातों में अलग-अलग लेयर में रकम गई। सबसे पहले पहली से तीसरी लेयर तक के करीब 800 बैंक खातों को चिह्नित किया गया है। विवेचक निरीक्षक मुकेश नारोलिया ने बताया कि अगर पहले शिकायत आ जाती तो और रकम बचा सकते थे। अब खाताधारकों की तलाश चल रही है।
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इन राज्यों के खातों में गया धन
बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा।
चाइनीज एप से वर्चुअल कॉल, स्क्रीन पर न्यूयार्क का नंबर
शातिर ठगों ने चाइनीज एप का इस्तेमाल ठगी के लिए किया है। चाइनीज एप के जरिये वर्चुअल कॉल किया गया। इसमें स्क्रीन पर न्यूयार्क का कोड दिखाई दे रहा था।
सीए ने स्वयं 76 खातों में 106 ट्रांजेक्शन किए
इससे पहले साइबर ठगी की जो घटना हुई हैं, उनमें पहली लेयर में दो से सात खातों में ही रकम पीड़ित द्वारा भेजी गई। पहली बार ऐसा है- जब पहली लेयर में ही 76 बैंक खाते हैं। एफआईआर में सिर्फ 25 बैंक खातों का ही जिक्र है, लेकिन जब पुलिस ने स्टेटमेंट निकाला तो सामने आया 76 बैंक खातों में 106 ट्रांजेक्शन खुद सीए द्वारा ही किए गए। इसके बाद यह बैंक खाते 12 लेयर तक पहुंचे हैं। इसमें आंकड़ा 20 हजार से भी ज्यादा पहुंच गया है।
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रिश्तेदार, परिचितों से उधार ली रकम, बेटे ने ही दिए थे एक करोड़ रुपये
राज्य साइबर सेल के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि ग्वालियर के सीए ने दूसरों से रकम लेकर खुद क्रिप्टो ट्रेडिंग में लगाई। एक करोड़ रुपये तो अपने बेटे से ही लेकर ऑनलाइन निवेश किया था। सीए से वाट्सएप कॉल के जरिये दिव्या सिंह नाम की महिला ने बात की, फिर यूएसडीटी के जरिये क्रिप्टो ट्रेडिंग की सलाह दी। क्रिप्टो करेंसी के नाम पर एक लिंक भेजकर निवेश कराया। इसमें ऑनलाइन मुनाफा दिख रहा था। जब यह रुपये निकालने का प्रयास किया तो पहले इंकम टैक्स फिर रिस्क मार्जन मनी के नाम पर और रुपये मांगे गए, तब ठगी का पता चला।