Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ग्वालियर में 15 लाख की लूट निकली फर्जी, ऑनलाइन गेम के कर्ज में डूबी महिला ने ही नाबालिग भाई से छिनवाए गहने, 8 घंटे में पर्दाफाश

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 04:16 PM (IST)

    ग्वालियर में ऑनलाइन गेम के कर्ज में डूबी एक महिला ने अपने नाबालिग भाई और उसके दोस्त से मिलकर गहने छिनवाने का नाटक रचा। महिला गोल्ड लोन कंपनी का पैसा औ ...और पढ़ें

    महिला ने रची गहने की लूट की झूइी कहानी।

    महिला ने रची गहने की लूट की झूइी कहानी।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। शहर में हाई अलर्ट के बीच 15 लाख रुपये के सोने के गहने लूटने की खबर ने पुलिस को हिलाकर रख दिया। बहोड़ापुर इलाके में पैदल जा रही महिला ने अपने साथ हुई लूट की खबर पुलिस को दी। पुलिस ने भी तुरंत नाकाबंदी कराई और दो टीमें सीसीटीवी कैमरे खंगालने में लग गई। सीसीटीवी कैमरे से स्कूटी सवार लुटेरे पुरानी छावनी में स्टोन पार्क की तरफ जाते दिखे। पीछा करते हुए एक टीम यहां तक पहुंच गई, तब सामने आया कि स्कूटी चलाने वाला तो फरियादी का ही भाई है।

    नाबालिग भाई को बना दिया लुटेरा

    यहां से सुराग मिला। पुलिस ने जब महिला के नाबालिग भाई व उसके दोस्त को पकड़ा और महिला को सामने बैठाकर पूछताछ की तो लूट की फर्जी कहानी खुल गई। महिला ने ही अपने नाबालिग भाई से गहनों से भरा बैग छीनने के लिए कहा था। महिला गोल्ड लोन देने वाली कंपनी का पैसा और गहने हड़पना चाहती थी। इसलिए उसने लूट का षड़यंत्र रचा। गहने गिरवी रखकर कर्ज लेने की कहानी भी चौंकाने वाली है। महिला एवियेटर गेम खेलती है। ऑनलाइन गेम में पैसा हार गई तो कर्ज हो गया।

    पति से अलगाव, मायके में रहती है महिला

    इस कर्ज को चुकाने गहने गिरवी रख दिए थे। पुरानी छावनी क्षेत्र में रहने वाले अरविंद सिंह सिकरवार बीएसएफ में आरक्षक हैं। उनकी पदस्थापना बंगाल में है। उनकी बेटी शैजू सिकरवार की शादी हो चुकी है, लेकिन वह पति से अलग मायके में ही रहती है। शैजू की मां प्रिया के गहने कैपरी गोल्ड लोन में गिरवी रखे हुए थे। करीब छह तोला वजनी गहने थे।

    इन गहनों को शैजू निकालने के लिए पहुंची। अपने और मां के गहने उसने बैग में रखे। बहोड़ापुर तिराहे के पास स्थित आईआइएफएल कंपनी में गहने रखने के लिए जा रही थी। पीछे से स्कूटी पर सवार होकर दो बदमाश आए और झपट्टा मारा और बैग लूट लिया। शैजू सिकरवार ने पुलिस को सूचना दी। एएसपी अनु बेनीवाल, बहोड़ृापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार और इनकी टीम पड़ताल में लगी। आठ घंटे में ही लूट का राजफाश हो गया।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- ग्वालियर किले पर शर्मनाक हरकत, विदेशी महिला पर्यटक से अभद्रता कर इंस्टाग्राम पर डाला वीडियो, आरोपी गिरफ्तार

    रास्ते में लूट की कहानी गढ़ी

    इस मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आईआईएफएल कंपनी से बगैर सोना या गारंटी के 4.66 लाख रुपये शैजू को मिल गए। यहां के एक कर्मचारी ने रुपये दिए, ताकि वह कैपरी बैंक से गहने निकाल सके। यह रुपये कैपरी बैंक में जमा कर रुपये निकाले। यह गहने आईआईएफएल कंपनी में जमा करने थे। इससे पहले ही शैजू से उसका भाई बैग छीन ले गया। पुलिस को शक है कि आईआईएफएल के किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत हो सकती है।

    बहोड़ापुर में महिला ने लूट की जानकारी दी थी। आठ घंटे में राजफाश हो गया। महिला ने ही अपने नाबालिग भाई और दोस्त से लूट कराई थी। ऑनलाइन गेम में कर्ज हो गया था, इसके चलते गहने गिरवी रखकर कर्ज लिया। दूसरी कंपनी के रुपये और गहने हड़पने के लिए यह वारदात की है।
    -धर्मवीर सिंह, एसएसपी।