'सुन लो कलेक्टर-एसपी, जनता से बड़े हो गए क्या?', दतिया में कांग्रेस की धन्यवाद सभा में गरजे जीतू पटवारी
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद आयोजित धन्यवाद सभा में जीतू पटवारी ने एसपी और कलेक्टर पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम करने का आरोप ल ...और पढ़ें

कांग्रेस की धन्यवाद सभा में उमंग सिंघार, घनश्याम सिंह व जीतू पटवारी।
HighLights
जीतू पटवारी ने दतिया एसपी-कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप।
कहा, अधिकारियों ने सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर साधा निशाना।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत के बाद आयोजित धन्यवाद सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। किला चौक पर आयोजित जनसभा में उन्होंने मंच से पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतंत्र में अधिकारी जनता से बड़े नहीं हो सकते।
सभा को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा, "सुन लो एसपी और कलेक्टर, तुमने मुख्यमंत्री से जिताने का ठेका लिया था क्या? जनता से बड़े हो गए क्या?" उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव के दौरान प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस उदाहरण सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया।
'पीतांबरा माई सब देख रही हैं'
अपने संबोधन में पटवारी ने धार्मिक आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि दतिया में विराजमान पीतांबरा माई सब देख रही हैं। उनके अनुसार, जनता ने अहंकार और भय की राजनीति को नकारते हुए लोकतंत्र के पक्ष में फैसला दिया है। उन्होंने कहा कि चुनावी जीत जिम्मेदारी का संदेश देती है, अहंकार का नहीं। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले में व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और गुंडागर्दी को बढ़ावा नहीं मिलने दिया जाएगा।
राजनीति काजल की कोठरी : घनश्याम सिंह
सभा में नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह ने अपेक्षाकृत संयमित स्वर अपनाया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं को कोई असाधारण नेता नहीं मानते। घनश्याम बोले कि मैं कई चुनाव जीता हूं तो हारा भी हूं। राजनीति काजल की कोठरी होती है, इसमें जो घुसता है उस पर कुछ न कुछ दाग लगते हैं।
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उमंग सिंघार ने भी साधा निशाना
धन्यवाद सभा में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दतिया की जनता ने ऐसे जनप्रतिनिधि को चुना है, जो भय और आतंक की राजनीति में विश्वास नहीं करता, बल्कि जनता के बीच रहकर काम करने में भरोसा रखता है।