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    धार में अंतिम संस्कार के दौरान आई बाढ़, अधजली चिता बहा ले गया उफनता नाला; ग्रामीणों ने जोखिम उठाकर बचाया शव

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 05:20 PM (IST)

    धार जिले के जामला गांव में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक आई बाढ़ ने श्मशान घाट को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे जलती चिता और शव बहने लगा। ...और पढ़ें

    धार में जलती चिता तक पहुंचा बाढ़ का पानी (वीडियो ग्रैब)

    धार में जलती चिता तक पहुंचा बाढ़ का पानी (वीडियो ग्रैब)

    HighLights

    1. जामला गांव में अंतिम संस्कार के दौरान बाढ़।

    2. उफनते नाले में बहने लगी अधजली चिता।

    3. ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर शव बचाया।

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले से एक मार्मिक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। बाग क्षेत्र के जामला गांव में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक उपजे बाढ़ जैसे हालात ने श्मशान घाट को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते उफनते नाले का पानी जलती चिता तक पहुंच गया और शव बहने लगा। यह देखकर मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर किसी तरह शव को सुरक्षित बाहर निकाला।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम जामला निवासी करीब 62 वर्षीय बापू नाछरिया रावत का बीमारी के चलते निधन हो गया था। गुरुवार शाम परिजन उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए गांव के पास बड़े नाले के किनारे स्थित श्मशान घाट पहुंचे थे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल ही रही थी कि अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

    कुछ ही मिनटों में बदले हालात

    लगातार बारिश के कारण कुछ ही देर में नाले में तेज उफान आ गया। पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि श्मशान घाट तक पहुंच गया और जलती चिता बहाव की चपेट में आ गई। इससे पहले कि लोग स्थिति संभाल पाते, शव भी बहने लगा। यह दृश्य देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन बिलख पड़े।

    ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी

    विपरीत परिस्थितियों के बावजूद गांव के कई लोगों ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने पानी के तेज बहाव के बीच शव को किसी तरह बचाया। हालांकि, तब तक शव का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आ चुका था।

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    पानी उतरने के बाद पूरी हुई अंतिम विदाई

    घटना के बाद परिजन और ग्रामीण घंटों तक पानी का स्तर कम होने का इंतजार करते रहे। जब नाले का बहाव सामान्य हुआ, तब धार्मिक परंपराओं के अनुसार दोबारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

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    पूरे गांव को झकझोर गया हादसा

    इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे जामला गांव को स्तब्ध कर दिया। पहले से शोक में डूबे परिवार के लिए यह हादसा किसी दूसरी त्रासदी से कम नहीं था। घटना के बाद लंबे समय तक ग्रामीण इस दर्दनाक मंजर को याद कर भावुक होते रहे।