एशियन गेम्स की तैयारी कर रही अंतरराष्ट्रीय अश्वारोही से 1.62 करोड़ की ठगी, साइबर सेल ने ऐसे बचाई पूरी रकम
अंतरराष्ट्रीय अश्वारोही सुदीप्ती हजेला से 1.62 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई, जिसमें जालसाजों ने घोड़े की खरीद के लिए फर्जी ईमेल से बैंक खाता बदल दिया। ...और पढ़ें

साइबर ठगी का प्रयास (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
अश्वारोही सुदीप्ती हजेला से 1.62 करोड़ की साइबर ठगी।
फर्जी ईमेल से घोड़े की खरीद में बैंक खाता बदला।
साइबर सेल ने तत्परता से पूरी रकम वापस दिलाई।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। अंतरराष्ट्रीय अश्वारोही सुदीप्ती हजेला के साथ 1.62 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने विदेशी कंपनी के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाते की जानकारी बदल दी और करोड़ों रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि, मध्य प्रदेश राज्य साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से पूरी राशि विदेशी बैंक में फ्रीज करा दी गई और बाद में सुरक्षित रूप से सुदीप्ती के खाते में वापस पहुंचा दी गई।
एशियन गेम्स की तैयारी के बीच हुई ठगी
राज्य साइबर सेल के एसपी सव्यसाची सराफ के अनुसार, इस मामले की शिकायत सुदीप्ती की बहन विधि हजेला ने दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सुदीप्ती सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने विदेशी प्लेटफॉर्म हेलगस्ट्रैंड ड्रेसेज के माध्यम से 'बाइडेन' नामक घोड़े की खरीद का सौदा किया था।
फर्जी ई-मेल से बदला बैंक खाता
मार्च में हुए अनुबंध के अनुसार, घोड़े की कीमत का 45 प्रतिशत भुगतान कंपनी के अधिकृत खाते में कर दिया गया था, जिसकी पुष्टि भी कंपनी ने की थी। इसके बाद 29 मई को कंपनी के संचालक एंड्रियास हेलगस्ट्रैंड के नाम से बनाई गई फर्जी ई-मेल आईडी से संदेश भेजा गया। ई-मेल में तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए पुराने खाते में भुगतान न करने और नया बैंक खाता इस्तेमाल करने को कहा गया।
जालसाजों ने जेपी मॉर्गन बैंक का एक नया खाता भेजा, जिसमें शेष 1.62 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
साइबर सेल की तत्परता से बची पूरी रकम
धोखाधड़ी का पता चलते ही साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विदेशी बैंक और एजेंसियों से संपर्क किया। समय रहते संदिग्ध खाते को फ्रीज करा दिया गया, जिससे रकम आगे किसी अन्य खाते में ट्रांसफर नहीं हो सकी। बाद में पूरी राशि सुदीप्ती के एचडीएफसी बैंक खाते में वापस जमा करा दी गई।
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पहले भी बन चुका है परिवार ठगी का शिकार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हजेला परिवार इससे पहले भी साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। नवंबर-दिसंबर 2025 में भी साइबर अपराधियों ने उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की थी। उस समय राज्य साइबर सेल, इंदौर ने कार्रवाई करते हुए 3.75 करोड़ रुपये वापस दिलाए थे। उस मामले की शिकायत सुदीप्ती के पिता मुकेश हजेला ने दर्ज कराई थी।