इंदौर: लव जिहाद के लिए फंडिंग का मास्टरमाइंड कांग्रेस नेता जम्मू-कश्मीर से फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनवाने में गिरफ्तार
इंदौर के पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उस पर लव जिहाद के लिए फंडिंग ...और पढ़ें

आरोपित गिरफ्तार (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
अनवर कादरी फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में इंदौर में गिरफ्तार।
जम्मू-कश्मीर से नकली दस्तावेजों पर बनवाया था शस्त्र लाइसेंस।
लव जिहाद के लिए फंडिंग का भी है मुख्य आरोपित।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। कई हिंदू युवतियों के शोषण और लव जिहाद के आरोपितों के नेटवर्क को फंडिंग करने में मास्टरमाइंड इंदौर नगर निगम का पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को पुलिस ने फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किया। आरोपित को हाल ही में न्यायालय से जमानत मिली थी। जेल से बाहर आते ही पुलिस ने उसे पुराने प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया।
दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज
दो दर्जन आपराधिक मामलों में लिप्त अनवर ने जम्मू-कश्मीर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पिस्टल का आर्म्स लाइसेंस बनवाया था। इसी लाइसेंस के संबंध में दर्ज प्रकरण में इंदौर सदर बाजार थाना पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में ले लिया। लाइसेंस बनवाने में किन लोगों की भूमिका रही और लाइसेंस में क्या दस्तावेज लगाए, इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए लिया शस्त्र लाइसेंस
डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, शहर के भिश्ती मोहल्ला निवासी अनवर कादरी के विरुद्ध पिछले साल सितंबर में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था। उसने आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छुपाई और साल 2007 में नकली दस्तावेजों के आधार पर जम्मू कश्मीर के कठुआ से 12 बोर बंदूक का लाइसेंस बनवा लिया था।
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बाद में साल 2012 में अनवर ने रिवॉल्वर का लाइसेंस प्राप्त कर लिया। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर सरकार से जानकारी मांगी तो रिकॉर्ड नहीं मिला। अनवर ने खुद को ठेकेदार बताया था और जान का खतरा बताकर लाइसेंस प्राप्त कर लिया था। अनवर बाकायदा चुनाव और आचार संहिता के दौरान लाइसेंस थाना में जमा भी करता था।
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लव जिहाद में जमानत लेकर दिल्ली भागा था अनवर
अनवर डकैत का नाम हिंदू युवतियों को लव जिहाद में फंसाकर उनके शोषण के लिए इंदौर के कई मुस्लिम युवाओं को फंडिंग करने के मामले में भी सामने आ चुका है। इस मामले में बाणगंगा थाना पुलिस ने अनवर को आरोपित साहिल और अल्ताफ के कथन के आधार पर आरोपित बनाया था।
इस केस में नाम आने के बाद अनवर फरार हो गया था और वह कई बार दिल्ली में भी देखा गया, जहां उसकी बेटी पढ़ती थी। गिरफ्तारी के बाद अनवर ने करीब एक साल जेल में बिताया और करीब एक माह पूर्व उसे जमानत मिल गई थी।