इंदौर में जिस हल्दी को लगाने से गंभीर बीमार हुआ था दूल्हा, उसमें मिला था जहरीला 'आर्सेनिक', जांच में चौंकाने वाला खुलासा
इंदौर के दुधिया गांव में हल्दी की रस्म के दौरान दूल्हे गोलू कौशल की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में खुला ...और पढ़ें

हल्दी (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। शादी की खुशियों के बीच इंदौर के दुधिया गांव में हल्दी की रस्म ने अचानक भयावह मोड़ ले लिया था। हल्दी लगने के कुछ ही देर बाद दूल्हे गोलू कौशल की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अब जांच में खुलासा हुआ है कि हल्दी में जहरीला रसायन आर्सेनिक मिला हुआ था।
डॉक्टरों के मुताबिक दूल्हे को तेज एलर्जिक रिएक्शन हुआ, जिसके चलते उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हल्दी के सैंपल की जांच करवाई, जिसमें आर्सेनिक समेत अन्य धातुओं की मिलावट सामने आई।
जांच रिपोर्ट में क्या मिला?
प्रयोगशाला जांच में हल्दी के नमूने में 0.22 एमजीजी आर्सेनिक, 0.37 एमजी लेड और 3.19 एमजी कॉपर पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्सेनिक बेहद खतरनाक रासायनिक तत्व है, जिसका उपयोग कई बार रंगों को अधिक चमकीला बनाने के लिए अवैध रूप से किया जाता है। यही वजह है कि कुछ मामलों में होली के रंगों में भी इसका इस्तेमाल देखने को मिलता है।
हल्दी लगते ही शुरू हुई परेशानी
जानकारी के अनुसार शादी कार्यक्रम में हल्दी की रस्म के दौरान परिवार और रिश्तेदारों ने दूल्हे को हल्दी लगाई थी। लेकिन हल्दी लगाने के कुछ ही देर में उसे शरीर में जलन, खुजली और सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। शुरुआत में स्वजन ने इसे सामान्य एलर्जी समझा, लेकिन हालत तेजी से बिगड़ती गई। इसके बाद उसे तत्काल एमवाय अस्पताल ले जाया गया।
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डॉक्टरों ने जांच में पाया कि त्वचा के साथ श्वसन तंत्र पर भी गंभीर असर पड़ा है। इसी दौरान हल्दी में किसी रासायनिक मिलावट की आशंका जताई गई, जिसके बाद प्रशासन ने सैंपल जांच के लिए भेजे।
चमकदार हल्दी के पीछे खतरनाक खेल
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में बिकने वाली सस्ती और ज्यादा चमकीली हल्दी में रंग बढ़ाने के लिए रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं। कई बार ऐसे केमिकल उपयोग किए जाते हैं, जो त्वचा और स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होते हैं।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिल शाह के अनुसार आर्सेनिक त्वचा के संपर्क में आने पर जलन, लाल चकत्ते, सूजन और एलर्जी पैदा कर सकता है। अधिक मात्रा में संपर्क होने पर सांस लेने में तकलीफ, उल्टी, कमजोरी और अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
हल्दी से इंदौर के दूल्हे और खरगोन जिले के कसरावद की दुल्हन की तबीयत बिगड़ने के बाद दोनों जिलों में प्रशासन ने बिक रही खुली हल्दी और बिना ब्रांड वाले मसालों की जांच शुरू कर दी है। हाट बाजारों में जाकर मौके पर जांच भी की गई और सैंपल भी लिए गए हैं।