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    पीडब्ल्यूडी में घूसखोरी : इंदौर में एसडीओ-कार्यपालन यंत्री और उपयंत्री को लोकायुक्त ने रंगेहाथ पकड़ा, हनुमानजी के चोले में छुपाई रकम

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 10:47 PM (IST)

    ठेकेदार से बिल भुगतान के बदले में लाखों की रिश्वत मांग रहे थे भ्रष्ट अफसर। लोकायुक्त पुलिस ने पीडब्ल्यूडी आफिस और शासकीय निवास पर दबिश देकर पकड़ा। ...और पढ़ें

    आरोपित एसडीओ टीके जैन, कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम और उपयंत्री अंशु दुबे।

    आरोपित एसडीओ टीके जैन, कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम और उपयंत्री अंशु दुबे।

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    डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोक निर्माण विभाग (PWD) में चल रहे कथित ‘कमीशन सिस्टम’ पर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पलासिया स्थित कार्यालय और शासकीय आवास पर एक साथ की गई।

    लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, सागौर-अचाना रोड सोहागपुर (पीथमपुर) निवासी ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार की शिकायत पर यह ट्रैप बिछाया गया। आरोप है कि SDO टीके जैन, EE जयदेव गौतम और उपयंत्री अंशु दुबे ने बिल पास करने के बदले लाखों की रिश्वत मांगी थी।

    करोड़ों के बिल, कमीशन की मांग

    ठेकेदार ने वर्ष 2023 में मेथवाड़ा फोरलेन पहुंच मार्ग का करीब 4.73 करोड़ का काम लिया था, जिसे बढ़ाकर 5.51 करोड़ में पूरा कर बिल पेश किए। आरोप है कि भुगतान के बाद भी 30 लाख से अधिक की राशि रोकी गई और अलग-अलग प्रतिशत में कमीशन मांगा गया।

    ‘चोले’ में छुपाई रिश्वत, फिर भी पकड़े गए

    मंगलवार को जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त दी गई, लोकायुक्त टीम ने दबिश दी। कार्यालय में SDO और उपयंत्री को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया गया। वहीं EE जयदेव गौतम ने रकम अपने घर बुलाकर ली और उसे हनुमानजी के चोले में छिपा दिया, लेकिन टीम ने वहां भी पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान करीब ढाई लाख रुपये जब्त किए गए।

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    तय ‘रेट कार्ड’ का खुलासा

    शिकायतकर्ता ने दावा किया कि विभाग में हर काम के लिए ‘रेट’ तय हैं—टीप लिखने से लेकर फाइल आगे बढ़ाने और सत्यापन तक कमीशन फिक्स है। आरोपितों ने 15% तक कमीशन की मांग की थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। लोकायुक्त अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है, जिससे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।