धार में तेंदुए का आतंक : महिला और वनकर्मी समेत चार लोगों पर किया हमला, 10 घंटे नाले में डटा रहा, दहशत में ग्रामीण
धार जिले के गुजरी गांव में एक तेंदुए ने आतंक मचाया, जिसमें एक महिला और वनकर्मी सहित चार लोग घायल हो गए। तेंदुआ 10 घंटे तक नाले में छिपा रहा, जिससे पूर ...और पढ़ें

वन विभाग के कर्मचारी ने तेंदुए पर काबू करने करने की कोशिश की, लेकिन वह बच निकला। (वीडियो ग्रैब)

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। धार जिले में धामनोद वन परिक्षेत्र के ग्राम गुजरी की डेहरिया बस्ती में बुधवार सुबह एक खूंखार तेंदुआ घुस आया और उसने जमकर आतंक मचा दिया।। महिला समेत कुछ लोगों पर हमला करने के बाद तेंदुआ पास के नाले में जा छिपा और करीब 10 घंटे तक वहीं डटा रहा। इस दौरान पूरे गांव में दहशत का माहौल बना रहा।
गांव में मचा हड़कंप
घटना की शुरुआत तब हुई जब तेंदुए ने घर के बाहर काम कर रही कांताबाई राठौड़ पर अचानक हमला कर दिया। महिला की चीख सुनते ही ग्रामीण दौड़े, लेकिन तेंदुआ उन पर भी झपट पड़ा। महिला को बचाने दौड़े महेश वास्केल पर हमला कर तेंदुआ ने उन्हें घायल कर दिया। अफरा-तफरी के बीच गांव में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
काम न आया युवक का साहस
सबसे खौफनाक पल तब आया, जब डेहरिया निवासी ग्यारसी सोलंकी ने साहस दिखाते हुए नाले के पास जाकर तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की। कुछ सेकंड तक तेंदुए और इंसान के बीच सीधी जंग चली, लेकिन अगले ही पल तेंदुए ने उनका हाथ दबोच लिया और फिर नाले में जा घुसा। इस मंजर ने पूरे गांव को सन्न कर दिया।
घरों मे दुबके लोग
दिनभर लोग तेंदुए को भगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह बार-बार नाले से निकलकर हमला कर देता। एक बार उसने पास खड़े युवक पर फिर झपट्टा मारा, जिसके बाद लोग घरों में दुबक गए। कोई छत से तो कोई खिड़की से हालात देखता रहा।
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इंदौर-खरगोन से बुलाई विशेष टीमें
वन विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब 30 वनकर्मी और 20 पुलिस जवानों को तैनात कर इलाके की घेराबंदी की गई। रेस्क्यू के लिए इंदौर व खरगोन से भी विशेष टीमें बुलाई गई। जेसीबी से नाले के रास्ते बंद किए गए और पिंजरे लगाए गए, लेकिन देर शाम तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।
वनकर्मी पर भी किया हमला
रेस्क्यू के दौरान तेंदुए ने वनकर्मी विकास डावर को झपट्टा मारकर उनका पैर जकड़ लिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और वाहन के टायर फेंककर तेंदुए को भगाया, जिससे उनकी जान बच सकी।
चारों घायलों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुजरी और फिर वहां से जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। डा. अमित सिसौदिया ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं, महेश के पेट पर जख्म थे, टांके लगाए हैं।
तीन जिलों की टीमें पकड़ने में जुटीं
वन विभाग के अनुसार नाले में पानी और ठंडक होने के कारण तेंदुआ बार-बार वहीं शरण ले रहा था। देर शाम तक धार के अलावा इंदौर और खरगोन जिले से आई टीमें भी उसे पकड़ने में जुटी रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
घटना के बाद पूरा गांव घरों में कैद हो गया। ग्रामीणों के मन में डर बना हुआ है कि यदि तेंदुआ जल्द नहीं पकड़ा गया तो रात और भी खतरनाक हो सकती है।