खेत की फेंसिंग में दौड़ा करंट बना काल, बालाघाट में तोता पकड़ने गए दो किशोरों की दर्दनाक मौत
बोंडुदाकला गांव में करंट की चपेट में आने से दो किशोरों की दर्दनाक मौत हो गई। वे तोता पकड़ने गए थे। खेत मालिक ने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए तार म ...और पढ़ें

दो किशोरों की मौत।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बोंडुदाकला में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। खेत में तोता पकड़ने गए दो किशोरों की विद्युत करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, खेत मालिक ने फसल को जंगली सूअरों से बचाने के लिए फेंसिंग में बिजली का करंट प्रवाहित कर रखा था। यही करंट दोनों किशोरों के लिए जानलेवा साबित हुआ।
तोता पकड़ने गए, करंट ने ले ली जान
मृतकों की पहचान उज्जवल शरणागत (16) और स्नेहल पटले (14) के रूप में हुई है। दोनों किशोर गांव के ही टेकचंद इठोले के खेत में तोता पकड़ने के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि गांव में रोज सुबह 9 बजे तक बिजली बंद रहती है और साढ़े 9 बजे सप्लाई शुरू होती है।
गुरुवार को भी जैसे ही दोनों खेत में पहुंचे, उसी समय बिजली आ गई और फेंसिंग में दौड़ रहा करंट उनकी मौत का कारण बन गया।
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मौके पर मौत, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए किरनापुर अस्पताल भिजवाए। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उज्जवल अपने परिवार का बड़ा बेटा था, जबकि स्नेहल अपने घर का छोटा बेटा था। दोनों के असमय निधन से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
लापरवाही या मजबूरी? उठे सुरक्षा पर सवाल
फसल बचाने के लिए खेतों में करंट प्रवाहित करने की यह प्रथा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यह घटना बताती है कि सुरक्षा के अभाव में ऐसे उपाय कितने घातक साबित हो सकते हैं।