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    जबलपुर बार एसोसिएशन में बड़ा बदलाव: 30% महिला आरक्षण लागू, MP का पहला संघ

    Updated: Tue, 17 Mar 2026 09:30 PM (IST)

    जबलपुर जिला बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए 30% महिला आरक्षण लागू किया है, जो मध्य प्रदेश में ऐसा करने वाला पहला एसोसिएशन ...और पढ़ें

    जबलपुर बार एसोसिएशन में महिला आरक्षण लागू (AI Generated Image)

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    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। जिला बार एसोसिएशन जबलपुर ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत 30 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर दिया है। इसके साथ ही यह मध्य प्रदेश का पहला बार एसोसिएशन बन गया है, जहां यह व्यवस्था प्रभावी हुई है।

    मंगलवार को आयोजित सामान्य सभा की बैठक में, पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता सुधीर नायक की अध्यक्षता में संविधान संशोधन सर्वसम्मति से पारित किया गया। संशोधन का वाचन जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने किया, जिसके बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    चुनाव प्रक्रिया में सख्ती

    नई व्यवस्था के तहत अब ऐसे वकील, जिन्हें किसी आपराधिक मामले में पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा हो चुकी है, वे बार चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। इससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और स्वच्छ बनाने की कोशिश की गई है।

    नए वकीलों के लिए प्रोविजनल सदस्यता

    नवागत अधिवक्ताओं को अब शुरुआती दो वर्षों तक अस्थायी (प्रोविजनल) सदस्यता दी जाएगी। इस दौरान उन्हें हर साल कम से कम पांच न्यायालयीन आदेश-पत्रक प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद ही उनकी सदस्यता स्थायी की जाएगी। इस अवधि में वे चुनाव लड़ने, मतदान करने या सामान्य सभा में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।

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    महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा

    बार एसोसिएशन ने कोषाध्यक्ष पद को महिला अधिवक्ता के लिए आरक्षित कर दिया है, जिससे महिला सहभागिता को और मजबूत किया जा सके।

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    इसके अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी का नया पद सृजित किया गया है, जिसे कार्यकारिणी द्वारा मनोनीत किया जाएगा। इस पद के लिए कम से कम 10 वर्ष का वकालत अनुभव अनिवार्य होगा।

    इन बदलावों को न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और महिला भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।