MP के 1.85 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को राहत: एफपीपीपीए 3.91% से घटकर 1.11 प्रतिशत; जुलाई में कम आएगा बिल
मध्य प्रदेश के 1.85 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि बिजली खरीद लागत घटने से फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPPA) 3.91% से घटकर 1.11% हो ...और पढ़ें

बिजली बिल में कटौती (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
1.85 करोड़ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत मिली।
FPPPA 3.91% से घटकर अब 1.11% हो गया।
जुलाई में सभी श्रेणियों के बिजली बिल कम आएंगे।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश के करीब 1.85 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। जुलाई में मिलने वाले बिजली बिल में अतिरिक्त भार कम होगा, क्योंकि बिजली खरीद लागत के आधार पर वसूले जाने वाले फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (एफपीपीपीए) को 3.91 प्रतिशत से घटाकर 1.11 प्रतिशत कर दिया गया है। संशोधित दरें 24 जून के बाद जारी होने वाले सभी बिजली बिलों पर लागू होंगी, जिससे घरेलू, व्यावसायिक, कृषि और औद्योगिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
बिजली खरीद लागत घटने का मिला फायदा
मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने नई दरों का सर्कुलर जारी कर दिया है। कंपनी के अनुसार एफपीपीपीए की गणना हर महीने बिजली खरीद की वास्तविक लागत के आधार पर की जाती है। इस बार लागत कम होने से अतिरिक्त शुल्क में 2.80 प्रतिशत अंक की कमी की गई है, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा।
अप्रैल से लगातार घट रही है दर
कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर (रेवेन्यू मैनेजमेंट) शैलेंद्र सक्सेना के अनुसार, अप्रैल में एफपीपीपीए 6 प्रतिशत से अधिक था। मई में इसे घटाकर 3.91 प्रतिशत किया गया और अब 24 जून के बाद की बिलिंग के लिए यह 1.11 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। उनका कहना है कि बिजली खरीद लागत में आई कमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
100 रुपये के एनर्जी चार्ज पर कितना मिलेगा फायदा?
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता का एनर्जी चार्ज 100 रुपये है, तो पहले उसे 3.91 रुपये एफपीपीपीए देना पड़ता था। अब यह राशि घटकर 1.11 रुपये रह जाएगी। यानी प्रत्येक 100 रुपये के एनर्जी चार्ज पर 2.80 रुपये की सीधी बचत होगी।
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ज्यादा खपत, ज्यादा राहत
बिजली कंपनियों के अनुमान के मुताबिक उपभोक्ताओं को उनकी मासिक बिजली खपत के अनुसार राहत मिलेगी।
- 200 यूनिट तक खपत पर लगभग 15 से 30 रुपये की बचत।
- 300 यूनिट पर 25 से 40 रुपये तक राहत।
- 400 यूनिट की खपत पर 35 से 55 रुपये तक का लाभ।
- 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों को 45 से 70 रुपये तक की राहत मिलने की संभावना है।
हर महीने होती है समीक्षा
बिजली कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि एफपीपीपीए कोई स्थायी शुल्क नहीं है। इसकी दरें बिजली खरीद की लागत के अनुसार हर महीने तय की जाती हैं। यदि लागत घटती है तो उपभोक्ताओं को राहत मिलती है, जबकि लागत बढ़ने पर यह शुल्क भी बढ़ सकता है।
इस बार की कटौती से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में सीधी कमी देखने को मिलेगी, जिससे घरेलू बजट पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।