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    जान हथेली पर रखकर पढ़ाई! विदिशा में स्टाप डैम के पिलरों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने के मामले में हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:11 PM (IST)

    विदिशा में स्कूली बच्चों के बेतवा नदी पर बने स्टाप डैम के पिलरों से जोखिम उठाकर स्कूल जाने के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है ...और पढ़ें

    छलांग लगाकर स्टॉप डैम को पार कर स्कूल जाते बच्चे। (वीडियो ग्रैब)

    छलांग लगाकर स्टॉप डैम को पार कर स्कूल जाते बच्चे। (वीडियो ग्रैब)

    HighLights

    1. विदिशा के बच्चों का स्टाप डैम से स्कूल जाना।

    2. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान।

    3. सरकार से बच्चों की सुरक्षा पर मांगा जवाब।

    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। प्रदेश के विदिशा जिले में स्कूली बच्चों की पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालने का मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है। ककरुआ और इमलिया गांव के बच्चों के बेतवा नदी पर बने स्टाप डैम के पिलरों पर जोखिम उठाते हुए छलांग लगाकर स्कूल जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

    बच्चों की इस जोखिम भरी आवाजाही को अदालत ने सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय माना है। मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, विदिशा कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।

    चार फीट के अंतर के बीच से गुजरते थे बच्चे

    ककरुआ और आसपास के गांवों के बच्चों को पलोह गांव स्थित स्कूल पहुंचने के लिए बेतवा नदी पार करनी पड़ती थी। नदी पर बने स्टाप डैम के पिलरों के बीच करीब चार फीट का खाली हिस्सा है। ऐसे में बच्चे पिलरों पर संतुलन बनाते हुए एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचते थे।

    बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता था। इसके बावजूद बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा था।

    वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आया

    बच्चों के स्टॉप डैम के पिलरों पर छलांग लगाकर नदी पार करने का वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। मामला सामने आने पर बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए।

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    प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण भी किया। टीम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन के विकल्प सीमित होने की स्थिति सामने आई।

    नजदीकी स्कूल को बनाया गया हाईस्कूल

    मामले के बीच राज्य सरकार ने मंगलवार को नजदीकी बंधेरा गांव के पूर्व माध्यमिक स्कूल का उन्नयन कर हाईस्कूल बनाने का आदेश जारी किया। इसके बाद बुधवार से स्कूल में कक्षा नौवीं और दसवीं की पढ़ाई भी शुरू कर दी गई। इस फैसले के बाद फिलहाल नौ बच्चों को स्कूल जाने के लिए बेतवा नदी के स्टाप डैम के पिलरों पर जोखिम उठाने की जरूरत नहीं रह गई है।

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    हाई कोर्ट में सरकार को देना होगा जवाब

    स्कूल की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू होने के बावजूद हाई कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान बच्चों की सुरक्षा, स्कूल तक पहुंचने के सुरक्षित साधन और क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं की स्थिति को लेकर सरकार का पक्ष सामने आएगा।