छह माह में दूसरा तबादला पड़ा भारी, हाई कोर्ट ने लगाई रोक; सिवनी में पदस्थ प्रोफेसर को मिली राहत
न्यायमूर्ति विशाल धगाट की एकलपीठ ने डॉ. ज्योति कुमरे के छह माह के भीतर दोबारा किए गए स्थानांतरण पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अभ्या ...और पढ़ें

बार-बार तबादले पर हाई कोर्ट ने उठाए सवाल। (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
हाई कोर्ट ने छह माह में दूसरे तबादले पर रोक लगाई।
डॉ. ज्योति कुमरे सिवनी पीजी कॉलेज में ही सेवा देंगी।
अधिकारियों को 30 दिन में अभ्यावेदन पर निर्णय लेने का निर्देश।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगाट की एकलपीठ ने छह माह के भीतर दोबारा किए गए स्थानांतरण पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर पुनर्विचार के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया स्थानांतरण आदेश में विसंगतियां पाते हुए स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय होने तक डा. ज्योति कुमरे शासकीय पीजी कॉलेज, सिवनी में ही अपनी सेवाएं देती रहेंगी।
200 किमी दूर दोबारा किया ट्रांसफर
याचिका में डॉ. ज्योति कुमरे की ओर से अधिवक्ता अभय पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 15 जून, 2026 के स्थानांतरण आदेश के जरिए याचिकाकर्ता को लगभग 200 किलोमीटर दूर शासकीय महाविद्यालय, साईखेड़ा भेज दिया गया, जबकि वह वर्तमान में शासकीय पीजी कालेज, सिवनी में पदस्थ हैं। यह भी बताया गया कि 18 अक्टूबर 2025 को ही उनका पूर्व स्थानांतरण हुआ था और महज छह माह के भीतर दोबारा तबादला कर दिया गया, जो स्थानांतरण नीति और प्रशासनिक औचित्य दोनों के विपरीत है।
सरकार बोली- जिले के भीतर ही किया तबादला
राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता राजेश तिवारी ने तर्क दिया कि स्थानांतरण जिले के भीतर किया गया है और इससे याचिकाकर्ता को कोई प्रतिकूल नागरिक परिणाम नहीं भुगतना पड़ेगा।
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हाई कोर्ट ने बताईं आदेश में विसंगतियां
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने पाया कि कम अवधि में दोबारा स्थानांतरण किया गया है। न्यायालय ने यह भी दर्ज किया कि स्थानांतरण आदेश में कुछ असंगतियां दिखाई देती हैं तथा याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना भी नहीं की गई है। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए सक्षम अधिकारियों को आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर लंबित अभ्यावेदन पर विधिसम्मत निर्णय लेने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि तब तक डॉ. ज्योति कुमरे शासकीय पीजी कालेज, सिवनी में यथावत कार्य करती रहेंगी।