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    गढ़चिरौली में सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत पर एक्शन, छात्रावास की देखरेख कर रही संस्था का अनुबंध रद

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 08:07 PM (IST)

    गढ़चिरौली के आश्रम शाला छात्रावास में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत के बाद सरकार ने देखरेख करने वाली संस्था का अनुबंध रद कर दिया है। ...और पढ़ें

    गढ़चिरौली में सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

    गढ़चिरौली में सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. गढ़चिरौली आश्रम शाला में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत।

    2. छात्रावासों की देखरेख करने वाली संस्था का अनुबंध रद किया गया।

    3. मुख्यमंत्री ने विस्तृत जांच के आदेश दिए, सुरक्षा ऑडिट शुरू।

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। गढ़चिरौली जिले के एक आश्रम शाला छात्रावास में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत के मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।

    सरकार ने मामले में प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए आश्रम शालाओं की देखरेख का ठेका संभाल रही संस्था का अनुबंध रद कर दिया है। यह संस्था एक पूर्व विधायक से जुड़ी बताई जा रही है।

    सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत

    जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्थित छात्रावास में रात के समय सांप के काटने से कई छात्राएं प्रभावित हुई थीं। इनमें से तीन छात्राओं की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य छात्राओं का अस्पताल में इलाज जारी है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद आदिवासी क्षेत्रों में संचालित आश्रम शालाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मंत्रिमंडल की बैठक में गढ़चिरौली जनपथ के प्रभारी का भी दायित्व निभा रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं तथा यह सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    इस बीच विदर्भ के वरिष्ठ किसान नेता किशोर तिवारी ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा है। उन्होंने आयोग से घटना का स्वतः संज्ञान लेने और आश्रम शालाओं में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने की मांग की है।

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    तिवारी का कहना है कि दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है।

    घटना के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए आश्रम शालाओं की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन ने सभी आश्रम शालाओं का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने और सर्पदंश से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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