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    60 दिनों के अंदर नेशनल हाईवे के पास अवैध होटल और ढाबों पर एक्शन, महाराष्ट्र सरकार ने जारी किए निर्देश

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 10:37 PM (IST)

    महाराष्ट्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर 'राइट ऑफ वे' (ROW) में बनी सभी अवैध संरचनाओं को 60 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया है। ...और पढ़ें

    नेशनल हाईवे के पास अवैध ढाबों पर एक्शन (AI जेनरेटेड फोटो)

    नेशनल हाईवे के पास अवैध ढाबों पर एक्शन (AI जेनरेटेड फोटो)

    HighLights

    1. महाराष्ट्र सरकार ने ROW पर अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया।

    2. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 60 दिन में कार्रवाई होगी।

    3. हाईवे सुरक्षा के लिए ढाबों, भोजनालयों पर रोक।

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को नेशनल हाईवे पर 'राइट ऑफ वे' (ROW) के तहत बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों से कहा कि वे 60 दिनों के भीतर सभी नई या मौजूदा बिना लाइसेंस वाली संरचनाओं को गिरा दें और हटा दें।

    यह आदेश ROW पर किसी भी ढाबे, भोजनालय या व्यावसायिक संरचना के निर्माण पर भी रोक लगाता है। ROW वह पूरी पट्टी है जिसे सरकार ने अधिग्रहित और आरक्षित किया है।

    अवैध ढाबों पर एक्शन

    'फलोदी दुर्घटना बनाम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया' मामले में 13 अप्रैल, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। कोर्ट के निर्देशों के आधार पर, राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को इन निर्देशों का 'सख्ती से पालन' करने का आदेश दिया गया।

    निर्देशों में कहा गया, 'किसी भी नेशनल हाईवे के 'राइट ऑफ वे' (ROW) के भीतर किसी भी नए ढाबे, भोजनालय या व्यावसायिक संरचना का निर्माण/संचालन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है।'

    इसके साथ ही निर्देश दिया गया कि जिला मजिस्ट्रेट 60 दिनों के भीतर सभी नई या मौजूदा अनधिकृत संरचनाओं को गिराने/हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

    NHAI/PWD से लेनी होगी इजाजत

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में आगे कहा गया, कोई भी विभाग, प्राधिकरण या स्थानीय निकाय NHAI/PWD की पूर्व मंजूरी के बिना हाईवे सुरक्षा क्षेत्रों के भीतर किसी भी साइट के लिए कोई लाइसेंस, NOC या व्यापार मंजूरी नहीं देगा। ऐसी साइटों के लिए सभी मौजूदा लाइसेंसों की समीक्षा 30 दिनों के भीतर की जाएगी।

    कोर्ट ने आदेश दिया कि नेशनल हाईवे जिन भी जिलों से गुजरता है, वहां हर जिले में एक जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स भी बनाया जाएगा।

    जिला कलेक्टर जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन करेंगे, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, NHAI (या संबंधित जमीन की मालिक एजेंसी), PWD और स्थानीय निकायों के अधिकारी शामिल होंगे।

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार से कहा कि वह किसी भी नेशनल हाईवे के मध्य-बिंदु से 40 मीटर (आवासीय) और 75 मीटर (व्यावसायिक) के दायरे में जमीन के उपयोग में बदलाव पर 60 दिनों के भीतर रोक लगाए।

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    15 लोगों की मौत के बाद एक्शन

    राजस्थान के फलोदी जिले में नवंबर 2025 में भारत माला हाईवे पर एक टेम्पो के खड़े ट्रक से टकराने से करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे।

    इस मामले में सामने आया कि ट्रक एक खाने की दुकान के सामने खड़ा था और टेम्पो किसी दूसरी गाड़ी से आगे निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी वह सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो जाने के बाद कोर्ट ने आदेश जारी किया।

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